राष्ट्रीय स्तर की GATE परीक्षा में रायपुर में सामने आए नकल कांड ने एक संगठित सिंडिकेट का खुलासा किया
राष्ट्रीय स्तर की GATE परीक्षा में रायपुर में सामने आए नकल कांड ने एक संगठित सिंडिकेट का खुलासा किया है। पुलिस जांच में पता चला है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन हरियाणा में बैठा एक मास्टरमाइंड कर
जांच में सामने आया है कि नकल में इस्तेमाल होने वाले हाईटेक उपकरण दिल्ली से खरीदे गए थे। इस गिरोह ने ‘फिट इंडिया’ के ब्रांड एंबेसडर और इंजीनियर को ही सॉल्वर बनाकर रायपुर भेजा, ताकि परीक्षा में फर्जी तरीके से पास कराया जा सके।
अब सिलसिलेवार जानिए पूरा घटनाक्रम
कैंडिडेट्स की मांग पर मास्टरमाइंड ने हरियाणा के रहने वाले सुमित सहवाग, नरेंद्र कुमार और बंटी कुमार को रायपुर भेजा था। ये आरोपी हरियाणा के दर्शन सहवाग, लक्ष्मीनारायण उर्फ लक्की और अमर को नकल करवाने पहुंचे थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से ब्लूटूथ डिवाइस, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं।
फिट इंडिया ब्रांड एंबेसडर भी गिरोह में शामिल
जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर परीक्षा के सवालों के जवाब खोजते थे। हिसार जिले के गांव मिंगनी खेड़ा निवासी नरेंद्र कुमार ने हाल ही में माउंट एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा फहराने का रिकॉर्ड बनाया था। बताया जा रहा है कि वह ‘फिट इंडिया’ अभियान का ब्रांड एंबेसडर भी है।
अच्छे वेतन के बावजूद अपनाया शॉर्टकट
आरोपी अमर जम्मू-कश्मीर के चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट में असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर कार्यरत है। वहीं लक्ष्मीनारायण हरियाणा की एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। दोनों को हर महीने 1 से 1.5 लाख रुपये तक वेतन मिलता है, फिर भी एमटेक में प्रवेश के लिए इन्होंने नकल का रास्ता चुना।

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