मुख्यमंत्री साय ने कोतबा में लगाई घोषणाओं की झड़ी,चौतरफा विकास के लिए तैयार किया रूपरेखा,पढ़ें पूरी खबर

मुख्यमंत्री साय ने कोतबा में लगाई घोषणाओं की झड़ी,चौतरफा विकास के लिए तैयार किया रूपरेखा,पढ़ें पूरी खबर

कोतबा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोतबा के विकास के लिए रूपरेखा तैयार कर घोषणाओं का अंबार लगा दिया,यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक घोषणाओं से समूचा कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।उक्त घोषणाओं के जल्द ही क्रियान्वयन होने से यहां के लोगों को काफी लाभ मिलेगा।जिससे स्थानीय नागरिकों में हर्ष का माहौल देखा जा रहा है।

ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नगर पंचायत कोतबा के हाई स्कूल ग्राउंड में 51.73 करोड़ रुपए लागत के 28 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करने के बाद लोगों को संबोधित करते हुवे घोषणाओं का अंबार लगा दिया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय एवं श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को गति देने हेतु कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इनमें कोतबा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन निर्माण, तहसील लिंक कोर्ट की स्थापना, नगर पंचायत में रेस्ट हाउस निर्माण, इंडोर स्टेडियम का निर्माण, कोतबा जल आवर्धन योजना हेतु आवश्यक अतिरिक्त राशि वहन, कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण, तथा बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणाएं शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने 36वीं सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। साथ ही राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेघावी छात्र-छात्राओं को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कोतबा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की प्रमुख घोषणाएं

1. कोतबा में स्वामी आत्मानंद स्कूल भवन निर्माण की घोषणा।

2. कोतबा में तहसील का लिंक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा 

3. कोतबा नगर पंचायत में रेस्ट हाउस निर्माण की घोषणा, ताकि शासकीय आगंतुकों को सुविधा मिल सके।

4. युवाओं एवं खिलाड़ियों की मांग पर कोतबा में इंडोर स्टेडियम निर्माण की घोषणा।

5. कोतबा जल आवर्धन योजना के लिए आवश्यक अतिरिक्त खर्च वहन करने की घोषणा।

6. कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा।

7. बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम कोर्ट (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणा।

तेजी से संचालित हो रहे हैं विकास कार्य, समृद्धि की ओर बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ में तेजी से विकास कार्य संचालित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रदेश की जनता से की गई अधिकांश गारंटियों को राज्य सरकार ने सफलतापूर्वक पूरा किया है। सरकार के पहले ही कैबिनेट निर्णयों में 18 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान की गई, जिससे प्रदेश में आवास क्रांति का सूत्रपात हुआ। अब तक कुल 26 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से अब तक 15 हजार करोड़ रुपये की राशि 70 लाख माताओं-बहनों के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में ऐतिहासिक सफलता मिली है। किसानों के हित में कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है।

सीएम साय ने कहा कि श्री रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत अब तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को निःशुल्क अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ की यात्रा कराई जा चुकी है, जिससे धार्मिक पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिला है। वनवासी परिवारों के कल्याण हेतु तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर को 4000 रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये प्रति मानक बोरा किया गया है, जिससे तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है। साथ ही चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ कर श्रमिकों के सम्मान एवं सुरक्षा को सुनिश्चित किया गया है।

     उन्होंने कहा कि पीएससी परीक्षा में हुई अनियमितताओं की जांच सीबीआई को सौंपकर दोषियों को जेल भेजा गया, जिससे परीक्षार्थियों का टूटा विश्वास पुनः बहाल हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलवाद, जो कभी छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चुनौती था, अब तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंचाई परियोजनाओं के मरम्मत एवं विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, वहीं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 750 सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में लागू की गई नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, जिसके तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। ई-गवर्नेंस के माध्यम से सभी योजनाओं की सतत निगरानी की जा रही है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन को और सुदृढ़ करने हेतु सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए एक दूरदर्शी विज़न डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है, जिसमें छत्तीसगढ़ विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा।