बीएलओ का काम नहीं करने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा,कहा विभागीय कार्य के अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य करने नहीं बनाया जाये दबाव,गैर विभागीय कार्य के कारण विभाग का मूल कार्य हो रहा प्रभावित,एक साथ दो पदों पर कार्य कराना शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाने के बराबर

बीएलओ का काम नहीं करने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा,कहा विभागीय कार्य के अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य करने नहीं बनाया जाये दबाव,गैर विभागीय कार्य के कारण विभाग का मूल कार्य हो रहा प्रभावित,एक साथ दो पदों पर कार्य कराना शासकीय नियमों की धज्जियां उड़ाने के बराबर

जशपुर : जशपुर जिला में विभागीय कार्यों के अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य नहीं करने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है।इस संबंध में छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 के द्वारा जिला में सभी एसडीएम और परियोजना अधिकारियों को ज्ञापन सौंप बीएलओ के कार्य से मुक्त करने का निवेदन किया जा रहा है। इस तारतम्य में शनिवार को सन्ना में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंच कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है।

ज्ञात हो कि महिला एवं बाल विभाग अंतर्गत 16 मूल उद्देश्यों की पूर्ति हेतु आंगनबाड़ी कार्यकताओं/सहायिकाओं की नियुक्ति की गई है,जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि इन 16 मूल उद्देश्यों की पूर्ति हेतु इन्हें विभिन्न गतिविधियां बना कार्य करना है,उक्त गतिविधियों को भी विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है जिसमें प्रतिदिन इन्हें सुबह 9.30 बजे से लेकर दोपहर 3.30 बजे बच्चों के देखरेख एवं संरक्षण के साथ उनके बौद्धिक व शारीरिक विकास पर ध्यान देते हुए कार्य करना है।इस दौरान बच्चों को सुपोषित करते हुवे कुपोषण दूर करने के लिए प्रमुखता से कार्य करना है।उक्त कार्य को सभी आंगनबाड़ी कार्यकताओं/सहायिकाओं के द्वारा रोजाना समय पर किया जा रहा है जिसका मॉनिटरिंग और ऑपरेटिंग खुद विभाग के परियोजना अधिकारी सतत रूप से कर रहे हैं।बावजूद इन पर विभागीय कार्य के अतिरिक्त गैर विभागीय कार्यों का बोझ बिना कोई लिखित आदेश के थोप दिया जा रहा और उक्त कार्य को करने दबाव दिया जा रहा जिससे इनका मूल कार्य प्रभावित हो रहा है।विभाग का मूल कार्य प्रभावित न हो इस वजह से अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य नहीं करने सभी बीएलओ ने बैठक आयोजित कर सर्व सहमति से निर्णय लिया है कि अब वह अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य नहीं करेंगे।

उक्ताशय की जानकारी देते हुए सन्ना की परियोजना अध्यक्ष श्रीमती रोपनी भगत ने बताया कि छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 की कार्यकारी प्रांताध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के निर्देश पर जशपुर जिला में बीएलओ का बैठक आयोजित हुआ जिसमें अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य किए जाने के कारण महिला एवं बाल विकास विभाग का मूल उद्देश्य जिसके लिए कार्यकताओं/सहायिकाओं का नियुक्ति किया है,उन उद्देश्यों की पूर्ति में आ रही दिक्कतों के संबंध में खुलकर विस्तार से चर्चा हुआ और अंततः निर्णय लिया गया कि विभागीय कार्य के अतिरिक्त अन्य गैर विभागीय कार्य नहीं किया जायेगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं का नियुक्ति के दौरान कार्य समय सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 तक निर्धारित किया गया है,यदि शासन किसी कार्य को कराए जाने के लिए लिखित आदेश करता है तो वह उनके कार्य हेतु निर्धारित समय सारिणी चार्ट सुबह 9.30 से दोपहर 3.30 में उक्त कार्य को अंकित कर लिखित आदेश जारी करे कि यह कार्य उक्त अवधि में पूर्ण किया जायेगा और यह कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को ही करना अनिवार्य है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुआ कि गत दिनों संचालनालय महिला एवं बाल विकास विभाग से जारी पत्र क्रमांक/11224/मबावि/मसमि/2025-26 नवा रायपुर दिनांक 22/09/2025,क्रमांक/10852/मबावि/ मसमि/2025-26 नवा रायपुर दिनांक 12/09/2025 एवं पत्र क्रमांक / 105/आई.सी.डी.एस.-1/2023-24नवा रायपुर दिनांक 28/07/2023 के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकताओं/सहायिकाओं को महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा निर्धारित विभागीय कार्य के अलावा अन्य अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य नहीं कराया जाये।यह पत्र मुख्य सचिव,छत्तीसगढ़ शासन का पत्र कमांक 1981 दिनांक 17 अक्टूबर 2014,केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग,भारत शासन का पत्र कमांक 12/1/2016-CD.I Date 15 June, 2016,सचिव भारत शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग का पत्र कमांक WBP-29/4/2019-CPMU Dated 5th November, 2019, सचिव छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग का पत्र कमांक 287 दिनांक 03.09.2016 द्वारा जारी किया गया है।जिसके संदर्भ में भुवनेश यादव सचिव छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्रालय महानदी भवन,नवा रायपुर (छ.ग.) ने भी पत्र क्रमांक / 105/ आई.सी.डी.एस.-1/2023-24 नवा रायपुर, दिनांक 28/07/2023 को आदेश जारी किया था जिसमें स्पष्ट उल्लेख है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं/सहायिकाओं को विभागीय कार्य के अलावा गैर विभागीय कार्य न कराया जाये। बावजूद उक्त आदेश का अवहेलना शासन प्रशासन द्वारा अतिरिक्त गैर विभागीय कार्य का मौखिक आदेश देकर दबावपूर्वक किए जाने का जोर दिया जा रहा जो नैतिकता के आधार पर सही नहीं है,साथ ही उक्त उच्च अधिकारियों एवं मंत्री के द्वारा जारी पत्र की अवहेलना अंतर्गत आता है। अतः शासन प्रशासन सहित महिला एवं बाल विकास विभाग को अमल कर उक्त आदेश की अवहेलना नहीं करने ध्यानाकर्षण हेतु प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय सर्व सहमति से लेते हुए अन्य गैर विभागीय कार्य से मुक्त करने आग्रह निवेदन हेतु ज्ञापन सौंपा जा रहा है। इस तारतम्य में सन्ना में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के माध्यम से जशपुर कलेक्टर और परियोजना अधिकारी के माध्यम से जिला कार्यक्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जा रहा है।सन्ना में एसडीएम कार्यालय में तहसीलदार रौशनी तिर्की को शनिवार को ज्ञापन सौंपा गया और आग्रह किया गया कि उक्त आदेश का पालन करते हुए आज दिनांक से आंगनबाड़ी कार्यकताओं को बीएलओ के कार्य से मुक्त किया जाये,आज दिनांक के बाद से कोई भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सन्ना परियोजना में बीएलओ का कार्य नहीं करेंगे,सभी को उक्त कार्य से पदमुक्त आज दिनांक से माना जायेगा। चूंकि बीएलओ की नियुक्ति हेतु कोई अलग से लिखित आदेश प्रशासन द्वारा जारी नहीं किया गया है।यदि बीएलओ की नियुक्ति किया जाता है तो आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति मिला एक साथ दो पद पर नियुक्ति कहलायेगा जो कि संवैधानिक रूप से गलत है,अतः आंगनबाड़ी कार्यकताओं को बीएलओ के कार्य से मुक्त करते हुए यहां बीएलओ की नियुक्ति भी जाये ताकि ग्राम से योग्य व्यक्ति को रोजगार भी उपलब्ध हो सके।

सन्ना में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंच तहसीलदार रौशनी तिर्की को ज्ञापन सौंपने परियोजना अध्यक्ष श्रीमती रोपनी भगत, परियोजना सचिव जायत्री यादव,मनीषा भगत,जगमनिया यादव,आरती केरकेट्टा,संगति यादव सहित सन्ना परियोजना के समस्त बीएलओ मौजूद रहीं।

शासन द्वारा जारी आदेश को पढ़ें