दर्जन भर से ज्यादा पत्थर खदानों के बंद होने से जशपुर जिला में गिट्टी की कालाबाजारी जोरों पर,गिट्टी के लिए लेना पड़ रहा अन्यत्र जगह का सहारा

दर्जन भर से ज्यादा पत्थर खदानों के बंद होने से जशपुर जिला में गिट्टी की कालाबाजारी जोरों पर,गिट्टी के लिए लेना पड़ रहा अन्यत्र जगह का सहारा

जशपुर : जशपुर जिला में गिट्टी की कालाबाजारी जोरों पर है,जिस कारण गिट्टी की किल्लत होने से  आमजनों को जिले के बाहर अन्यत्र सहारा लेना पड़ रहा है।आलम यह है कि दिनों दिन गिट्टी के मूल्य में भारी इजाफा हो रहा।
मिली जानकारी के अनुसार इस वक्त जशपुर जिला में लगभग एक दर्जन पत्थर खदान बंद हैं,जिन पर ताला लटकने की नौबत आन खड़ी हुई हुआ,इनमें लगभग आधा दर्जन तो बड़े पत्थर खदान भी शामिल है जो मयाली और भीतघरा में शामिल है। यहां लगभग एक दर्जन पत्थर खदान के बंद पड़े होने से यहां गिट्टी की आपूर्ति ठप्प हो गई है।जिस कारण गिट्टी की काला बाजारी जोरों से चल रहा है,इस कारण आलम यह है कि गिट्टी के दामों में दुगुना तक वृद्धि हो चुकी है। बताया जा रहा कि इस वक्त गिट्टी का मार्केट मूल्य 30 रुपए प्रति फुट की दर से निर्धारित है,जबकि गिट्टी की काला बाजारी से इसका मूल्य 50 से 60 रुपए प्रति फुट दूरी और जगह के हिसाब से बिक्री किया जा रहा है,इस हिसाब से देखा जाए तो मार्केट मूल्य के अनुसार 3 हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर बिकने वाला गिट्टी इस वक्त 5500 से 6 हजार रुपए प्रति ट्रेक्टर की दर से बिक रहा है।जिसमें दूरी के हिसाब से परिवहन खर्च अलग से जोड़ा जा रहा है।उक्त कालाबाजारी के कारण आम जनो को आर्थिक मार झेलना पड़ रहा है।

झारखंड या सरगुजा से की जा रही गिट्टी की आपूर्ति
इस वक्त जशपुर जिला में गिट्टी की कमी देखी जा रही है।जिसकी पूर्ति के लिए काला बाजारी का गोरखधंधा जोरो से पनप रहा है। जशपुर जिले में गिट्टी स्थानीय पत्थर खदान के अलावा झारखंड और सरगुजा से मंगाई जा रही है,जिस कारण 30 रुपए फुट की दर से मिलने वाला गिट्टी वर्तमान में 50 रूपये फूट की दर से बिक रहा है। जिसे स्थानीय विक्रेताओं के द्वारा महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।

क्या कहता है खनिज विभाग
प्रभारी खनिज अधिकारी वी साहू ने इस संबंध में चर्चा के दौरान बताया कि डायरेक्टर जनरल माइंस एंड सेफ्टी रायगढ़ ने खदानों के संचालन पर रोक लगा कर रखा है।जिनके द्वारा स्पष्ट रूप से जिले के कई खदानों को पत्थर विस्फोट का अनुमति नहीं दिया जा रहा है,इसमें प्रमुख रूप से मयाली और भीतघरा का पत्थर खदान शामिल है।भीतघरा में अमित जैन और उमेश गुप्ता का पत्थर खदान बंद पड़े हैं,वहीं मयाली में अभय सोनी,जसीनतला सिंह,रणविजय सिंह,ए के कंस्ट्रक्शन अंबिकापुर,संजय सिंह अंबिकापुर,एलेक्स कुजूर जशपुर का पत्थर खदान शामिल है।काला बाजारी का मामला संज्ञान में आने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध अवश्य ही कार्यवाही की जाएगी।