किसान और महिलाएं छत्तीसगढ़ के आर्थिक व सामाजिक जनजीवन के महत्वपूर्ण आधार : मुख्यमंत्री साय

किसान और महिलाएं छत्तीसगढ़ के आर्थिक व सामाजिक जनजीवन के महत्वपूर्ण आधार : मुख्यमंत्री साय

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के ग्राम पंचायत नारायणपुर में आयोजित किसान महतारी सम्मेलन में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के किसान एवं महिलाओं को नमन करते हुए उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। साथ ही नारायणपुर सहित आसपास क्षेत्र के लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। 

इसमें नारायणपुर खेल मैदान में स्टेडियम और फ्लड लाइट, नगर वन शिव मंदिर में मंगल भवन, नारायणपुर अटल चौक से औघड़ा आश्रम तक सोलर लाइट, नारायणपुर में पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास निर्माण एवं काराखेड़का में छठ घाट निर्माण की घोषणा शामिल है। इस अवसर पर वित्तमंत्री ओ पी चौधरी, विधायक गोमती साय और रायमुनी भगत, पद्म जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका अध्यक्ष जशपुर अरविंद भगत, जिला पंचायत उपाध्यक्ष शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, कृष्ण कुमार राय, विजय आदित्य प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सदस्य अनिता सिंह, दुलारी सिंह एवं मलिता बाई, जनपद पंचायत अध्यक्ष दुलदुला राजकुमार सिंह, सुनील गुप्ता, मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार सहित जनप्रतिनिधिगण और अधिकारीगण मौजूद रहे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान और महिलाएं छत्तीसगढ़ के आर्थिक एवं सामाजिक जनजीवन के प्रमुख आधार है। केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विभिन्न वर्गों सहित किसान एवं महिलाओं का भी चहूंमुखी विकास हो रहा है। प्रदेश के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, धान खरीदी योजना सहित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। इसी प्रकार  प्रदेश की विवाहित महिलाओं को महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रतिमाह 1 हजार रुपए की राशि प्रदान की जा रही है। 21 माह से यह राशि दी जा रही है, यह आगे भी जारी रहेगी। महतारी वंदन योजना से अकेले जशपुर जिले में 2 लाख 29 हजार माताएं-बहनें लाभान्वित हो रहीं हैं। इन्हें अब तक 427 करोड़ रूपये से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में धान खरीदी जोर शोर से जारी है। सभी पंजीकृत किसानों से सहकारी समितियों के माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। इसके लिए सभी केंद्रों में पर्याप्त इंतजाम किए गए है। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल की मान से धान की खरीदी की जा रही है। साथ ही किसानों को 3100 रूपये प्रति क्विंटल धान का दाम मिल रहा है। प्रदेश के करीब 26 लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। 

जशपुर जिले के करीब 72 हजार किसानों को हर साल 6 हजार रूपये सम्मान निधि दी जा रही है। जशपुर जिला संभावनाओं का गढ़ बनता जा रहा है। जशपुर की जलवायु ऐसी है कि यहाँ चाय, कॉफी, काजू, ड्रैगन फ्रूट, मसालों और सेब की खेती के बड़े अवसर हैं। सरकार इस दिशा में तकनीक, प्रशिक्षण और अनुदान उपलब्ध करा रही है। जशप्योर ब्रांड की पहुंच अब देश-विदेश तक हो रही है। इसके अंतर्गत महुआ लड्डू, चिरौंजी एवं अन्य वन उत्पादों का प्रसंस्करण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जशपुर में अधोसंरचना के भी विभिन्न कार्य किया जा रहे हैं। यहां के युवाओं के तीरंदाजी सीखने की बहुत ललक है, इसको देखते हुए सन्ना पंडरापाठ में 20 करोड़ रुपए की लागत से आर्चरी अकादमी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी के लिए मेडिकल कॉलेज भी निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में हो रहे विकास कार्यों को रेखांकित किया।