जिला अध्यक्षों में मरार पटेल समाज को प्रतिनिधित्व नहीं, भाजपा और कांग्रेस से नाराज, कहा तीसरा विकल्प ढूंढेंगे
इस वर्ष छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में भाजपा और कांग्रेस ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इसमें दोनों ही पार्टियों ने मरार पटेल समाज को प्रतिनिधित्व नहीं दिया है। छत्तीसगढ़ मरार पटेल महासंघ इस बात को लेकर नाराज है और समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समाज को उचित प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया तो प्रदेश में तीसरी पार्टी का विकल्प ढूंढा जाएगा।
मरार पटेल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण कुमार पटेल एवं कार्यकारी अध्यक्ष यज्ञदेव पटेल सहित समाज के अनेक लोगों ने नाराजगी जताई है। पदाधिकारियों का कहना है ओबीसी वर्ग का यह समाज जनसंख्या के अनुपात में छत्तीसगढ़ में तीसरे स्थान पर है। प्रदेश की सवा तीन करोड़ जनसंख्या में 25 लाख से अधिक जनसंख्या मरार पटेल समाज की है। इसके बावजूद सत्ता एवं संगठन, निगम मंडल में भागीदारी नहीं देकर समाज की उपेक्षा की गई है। दोनों ही राजनीतिक दलों ने संगठन, मोर्चा, प्रकोष्ठ में समाज को अनदेखा किया
शाकंभरी बोर्ड में नियुक्ति नहीं
मरार पटेल समाज की आराध्य देवी शाकंभरी के नाम पर गठित शाकंभरी बोर्ड में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति भी नहीं की गई है। साथ ही प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्री फूले के नाम पर महिला शिक्षकों का सम्मान की घोषणा हो। महात्मा ज्योतिबा फूले के नाम पर अलंकरण पुरस्कार सम्मान की घोषणा हो।

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