झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज के दौरान गर्भवती महिला की संदिग्ध मौत, बिना पोस्टमॉर्टम हुआ अंतिम संस्कार
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में इलाज के दौरान एक गर्भवती महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है।
सर्दी-खांसी की शिकायत लेकर गई महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई, उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गई। बाद में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने बिना पोस्टमॉर्टम कराए ही अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
घटना पलारी थाना क्षेत्र के छेरकाडीह जारा गांव की है। मृतका इंदु साहू की शादी 2022 में अजय साहू से हुई थी। उनका ढाई साल का एक बेटा है और इंदु दूसरी बार चार माह की गर्भवती थी।
गुरुवार को सर्दी-खांसी और सीने में दर्द की शिकायत पर वह गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर जयंत साहू के पास इलाज कराने गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे उल्टियां होने लगीं और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
डॉक्टर जयंत साहू ने स्वीकार किया है कि उसके पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं है और वह पिछले 17 वर्षों से इलाज कर रहा है। महिला की हालत गंभीर होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। अस्पताल के बीएमओ डॉ. पंकज वर्मा के अनुसार, महिला के नाक से झाग और खून निकल रहा था, जो किसी गंभीर प्रतिक्रिया की ओर इशारा करता है।
इसके बावजूद परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया और लिखित आवेदन देकर शव ले गए। शाम को ही गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस पूरे मामले में अब तक पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बिना डिग्री इलाज कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों की भूमिका और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर यह घटना गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

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