नहीं किसी से भीख मांगते हम अपना अधिकार मांगते,लाल हमारी साड़ी है खतरे की निशानी है जैसे नारों के साथ अपने हक अधिकार की मांग लिए 5 हजार से भी ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने खोला मोर्चा,रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

नहीं किसी से भीख मांगते हम अपना अधिकार मांगते,लाल हमारी साड़ी है खतरे की निशानी है जैसे नारों के साथ अपने हक अधिकार की मांग लिए 5 हजार से भी ज्यादा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहायिकाओं ने खोला मोर्चा,रैली निकाल सौंपा ज्ञापन

जशपुर : संयुक्त मंच के आह्वाहन पर छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 के बैनर तले भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं सहायिकाएं सड़कों में उतर गई,जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव के नेतृत्व पर जिला मुख्यालय जशपुर में कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की तादात इतनी ज्यादा थी कि समूचा जशपुराँचल लाल रंग में रंग गया।इस दौरान जोश खरोश के साथ जमकर नारेबाजी भी किया गया।

ज्ञात हो कि प्रदेशव्यापी आंदोलन के दौरान जशपुर जिला मुख्यालय में भी दो दिवसीय हड़ताल का आयोजन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के समस्त संघ ने एकजुटता के साथ किया।सभी संघ की एकजुटता के कारण संयुक्त मंच का गठन हुआ,जिनके आह्वान पर राज्य के सभी जिला मुख्यालय में जिलास्तरीय दो दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया।हड़ताल के प्रथम दिवस आमसभा एवं विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम निर्धारित था जिसका सफलतापूर्वक निर्वाहन एवं संचालन जिलाध्यक्ष कविता यादव के नेतृत्व में किया गया है।

जिलाध्यक्ष कविता यादव ने कहा कि शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाने,न्यूनतम वेतन प्रदाय किया जावे और समाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर संयुक्त मंच के आह्वाहन पर छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ पंजी.409 के तत्वाधान में जिला मुख्यालय में दो दिवसीय हड़ताल संपन्न किया गया है,पहला दिन धरना प्रदर्शन का रहा वहीं दूसरे दिन रैली का कार्यक्रम संपन्न हुआ। यह रैली रणजीता चौक स्थित हड़ताल स्थल से लेकर बस स्टैंड होते हुवे कलेक्ट्रेड पहुंची जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,केंद्रीय मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री छत्तीसगढ़ शासन श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के नाम जशपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

इस ज्ञापन में अंकित है कि जिस तरह से शिक्षा कर्मि.पंचायत कर्मियो को नीति बनाकर नियमित किया गया उसी तरह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ को भी शासकीय कर्मचारी घोषित किया जावे। शासकीय कर्मचारी घोषित होने तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रतिमाह रू.26000 एवं सहायिका को रू 22100 वेतन स्वीकृत किया जावें। मध्यप्रदेश के तर्ज पर प्रतिवर्ष 1000 रू की वृध्दि किया जावे।बुढ़ापे की सहारा के लिये समाजिक सुरक्षा के रूप मे सेवानिवृत्ति और आकस्मिक मृत्यु पर एक मुस्त ग्रेज्युवेटी/मासिक पेशन और समूह बीमा का लाभ दिया जावे,इसके लिए नीति बनाई जावे।इस दौरान जिले भर से भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका अपने संघ के ड्रेस लाल साड़ी में नजर आए,जिस वक्त रैली शहर में निकला समूचा शहर लालमय हो गया।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच के प्रान्तीय आह्वान पर ध्यानाकर्षण करने हेतु छत्तीसगढ़ के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रो मे दिनांक 26 एवं 27 फरवरी 2026 दो दिवस काम बंद कर सभी जिलो मे धरना रैली प्रदर्शन किया जा रहा है। दिनांक 8 मार्च तक हमारी मांगो की पूर्ति नही होने की स्थिति मे संयुक्त मंच द्वारा आंदोलन को विस्तार करते हुये दिनांक 9 मार्च 2026 को एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाये रायपुर राजधानी पहुंचकर विधान सभा का घेराव करेगें।