पूर्व सीएम बघेल का दावा : एसआईआर में बड़े पैमाने पर नाम काटने की है तैयारी, चुनाव आयोग को कहा ‘केंचुआ’
रायपुर। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल का आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) के ज़रिए बड़े पैमाने पर नाम काटने की तैयारी है। एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उन्होंने चुनाव आयोग को ‘केंचुआ’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के आदेश के कारण दबाव की स्थिति बनी है और कई BLO की मौत हो गई है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि बीएलओ बड़ी मुश्किल से फार्म जमा कर पा रहे हैं। उनके ऊपर इतना ज्यादा दबाव बना दिया गया है कि वो भी मानसिक रूप से परेशान है। आयोग दावा करता है कि 80 मतदान केंद्रों में एसआईआर का काम शतप्रतिशत पूरा हो गया है तो आयोग उन 80 मतदान केंद्रों की सूची सार्वजनिक कर दे जिनका एसआईआर का काम पूरा हो गया है। निर्वाचन आयोग का यह भी दावा है कि 97 प्रतिशत गणना पत्रक फार्म मतदाताओं को बांटे जा चुके है लेकिन हकीकत में यह आंकड़ा 25 प्रतिशत के आसपास है, तीन चौथाई मतदाताओं के घरों तक गणना पत्रक फार्म अब तक पहुंचा ही नहीं है।
केंचुआ मतलब, केंद्रीय चुनाव आयोग..!
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि चुनाव आयोग लोगों के नाम काटने पर तुला हुआ है। केंचुआ मतलब, केंद्रीय चुनाव आयोग। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंचुआ वाला बयान देकर केंद्रीय चुनाव आयोग पर कड़ा निशाना साधा है। आज तक सांप-बिच्छू के डसने से मौतें सुनी थी, क्या कभी सुना था कि, केचुआ काटने से मौत होती है।
भूपेश बघेल ने कहा, “पोलिंग बूथ में अगर 500 या 800 वोट हैं, तो कितने घंटे लगेंगे? ये जो एक महीने की समय सीमा तय की गई है और इसके कारण ये केंचुआ के आदेश से…केंचुए के डसने से दर्जनों बीएलओ की मौत हो गई है. केंचुआ मतलब समझ रहे हैं ना केंद्रीय चुनाव आयोग.” उन्होंने कहा, “एसआईआर में बड़े पैमाने पर नाम काटने की तैयारी है। ये लोग बोल रहे हैं कि जो बांग्लादेशी हैं, उन्हें बाहर करने का मौक़ा मिलेगा। सरकार आपकी है, हमने विधानसभा में बार-बार पूछा है कि कितने रोहिंग्या हैं, कितने बांग्लादेशी हैं, कितने पाकिस्तानी हैं, बताएं। अभी तक सरकार आंकडे़ नहीं दे पाई है।”
वहीं छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का कहना है कि “एसआईआर महत्वपूर्ण विषय है। बीजेपी का पूरा तंत्र इस पर लगा हुआ है। अधिक से अधिक जितने भी योग्य लोग हैं उनका नाम जुड़े और घुसपैठियों का नाम हटे, इन दोनों ही दायित्वों को लेकर काम किया जा रहा है।”

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