सूरजपुर जिले में करंट से बाघ का किया गया शिकार, वन अमले के बीच मचा हड़कंप

सूरजपुर जिले में करंट से बाघ का किया गया शिकार,  वन अमले के बीच मचा हड़कंप

सूरजपुर। एक ओर पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ती जा रही है वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ में जंगलों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने के चलते लुप्त प्राय जानवर लगातार मारे जा रहे हैं। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के प्रतापपुर के गांव में करंट लगने से बाघ की मौत हो गई। इस घटना से हड़कंप मचा हुआ है। इस घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बताया जा रहा है कि करंट लगाकर बाघ का शिकार किया गया है। मृत बाघ के पंजे से नाखून गायब मिले हैं।  पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) अरूण पाण्डेय ने कहा है कि प्रथम दृष्टया करंट से बाघ की मौत की बात सामने आई है। वन विभाग की टीम वहां पहुंची है, और विस्तृत जानकारी सामने आ पाएगी।  सूरजपुर के प्रतापपुर ब्लाक के ग्राम घुई के पास जंगल में यह घटना घटी है। वहां रविवार की रात बाघ मृत पाया गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी है। यह कहा जा रहा है कि लोगों ने हाथी व अन्य जानवरों से बचाव के लिए बिजली का तार फैला दिया था। इस बीच बाघ इसकी चपेट में आ गया। श्री पाण्डेय ने कहा कि मृत बाघ कहा से आया था, यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। कोरिया के गुरू घासीदास नेशनल पार्क में बाघ विचरण करते पाया गया है। मगर मृत बाघ के बारे में स्पष्ट जानकारी ली जा रही है।  शरीर पर मिले चोट के निशान सूत्र बताते हैं कि इस बाघ को करंट बिछाकर मारा गया है। उसके शरीर में चोट के भी निशान मिले हैं। शिकारी उसके नाखून उखाड़कर ले गए हैं। वन अमले शिकारियों की तलाश में जुट गया है।