बलरामपुर जिले के ग्राम कंडा के लोगों का आरोप है कि सेमरसोत अभ्यारण में पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी की जा रही

बलरामपुर जिले के ग्राम कंडा के लोगों का आरोप है कि सेमरसोत अभ्यारण में पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी की जा रही

बलरामपुर जिले के ग्राम कंडा के लोगों का आरोप है कि सेमरसोत अभ्यारण में पेड़ों की अवैध कटाई और तस्करी की जा रही है। रात के अंधेरे में साल और सागौन जैसे कीमती प्रजातियों के पेड़ काटे जा रहे हैं। यह आरोप है कि यह सब प्रशासन और वन विभाग की मिलीभगत से हो रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक, अभ्यारण के किनारे से गुजरने वाला एनएच-343 इस अवैध गतिविधि के लिए एक आसान मार्ग बन गया है। अभ्यारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को जंगल से साधारण दातुन तोड़ने की भी मनाही है।

ग्रामीणों का कहना है कि दिन में गश्त का दावा करने वाला वन अमला रात में होने वाली तस्करी से अनजान बना रहता है। गांव में बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हुई हैं। ऐसे में जंगल का इस तरह दोहन उनके लिए असहनीय है।

वहीं, अभ्यारण क्षेत्र में तैनात वनकर्मियों का कहना है कि गांव में सरकारी आवास न होने के कारण उन्हें मुख्यालय बलरामपुर से रोजाना आना-जाना पड़ता है। उन्हें कटाई की जानकारी मिलती है, लेकिन रात में यह सब होने के कारण वे तत्काल कार्रवाई करने में सक्षम नहीं हो पाते।

सेमरसोत अभ्यारण क्षेत्र के गेम रेंजर शिवप्रसाद ने कहा कि मौके की जांच की जारी है। किसी भी स्थिति में आरोपियों को बक्सा नहीं जाएगा।