सोशल मीडिया पर वायरल मारपीट का दावा निकला भ्रामक : पुलिस जांच में सामने आई नई सच्चाई,वृद्ध महिला ने किया खुलासा कहा ‘संजय मद्रासी और मिथलेश यादव ने नहीं की मारपीट’
जशपुर । छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 70 वर्षीय वृद्ध महिला के साथ कथित मारपीट को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और पोस्टों के मामले में पुलिस जांच में नया मोड़ सामने आया है। जांच के दौरान संबंधित वृद्ध महिला ने स्पष्ट रूप से कहा है कि संजय मद्रासी और मिथलेश यादव द्वारा उनके साथ किसी प्रकार की मारपीट, गाली-गलौज या विवाद नहीं किया गया।
मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने तथ्यों की जांच शुरू की। इसी बीच आरोपित बताए जा रहे संजय मद्रासी और मिथलेश यादव स्वयं बगीचा थाना पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया।
बगीचा थाना प्रभारी गौरव पांडेय के अनुसार, जांच के दौरान वार्ड क्रमांक-2, लोटा निवासी वृद्ध महिला टोभा से पूछताछ की गई। महिला ने बताया कि वर्तमान में उनके साथ किसी प्रकार की मारपीट की घटना नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाते।
महिला ने पुलिस को बताया कि उनका विवाद लंबे समय से चल रहे पारिवारिक भूमि विवाद से जुड़ा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बीते वर्ष बरसात के दौरान परिवार के कुछ सदस्यों के साथ विवाद हुआ था, जिसमें उन्हें चोट आई थी और उपचार के लिए अंबिकापुर जाना पड़ा था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि लोटा मुख्य मार्ग के दोनों ओर स्थित भूमि को लेकर परिवार के विभिन्न सदस्यों के बीच वर्षों से विवाद चला आ रहा है। यह मामला हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। न्यायालय के निर्णय के बाद प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में संबंधित भूमि का कब्जा आदेशानुसार दिलाया जा चुका है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल किए गए मारपीट संबंधी दावों की पुष्टि जांच में नहीं हुई है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक भूमि विवाद से जुड़ा पाया गया है, जबकि अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो, पोस्ट या आरोप को बिना सत्यापन साझा न करें, क्योंकि इससे न केवल व्यक्तियों की छवि प्रभावित हो सकती है बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

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