माँ नर्मदा से भोरमदेव तक गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’ 151 किमी की कांवड़ पदयात्रा में शामिल हुईं विधायक गोमती साय, आरती के साथ कांवड़ियों की सेवा कर बढ़ाया उत्साह

माँ नर्मदा से भोरमदेव तक गूंजेगा ‘हर-हर महादेव’ 151 किमी की कांवड़ पदयात्रा में शामिल हुईं विधायक गोमती साय, आरती के साथ कांवड़ियों की सेवा कर बढ़ाया उत्साह

अमरकंटक। माँ नर्मदा की पावन धारा से जल लेकर बाबा भोरमदेव को अर्पित करने के संकल्प के साथ अमरकंटक से भोरमदेव तक निकलने वाली 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा को लेकर अमरकंटक में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। पंडरिया विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में आयोजित इस कांवड़ पदयात्रा की पूर्व संध्या पर अमरकंटक स्थित मेला मैदान (डोम), नवीन नगर पालिका परिसर में भव्य धार्मिक एवं भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने शामिल होकर कांवड़ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं के साथ माँ नर्मदा और भगवान भोलेनाथ की विधिवत आरती की। आरती के दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और माँ नर्मदा के जयकारों से गूंज उठा। विधायक गोमती साय ने कांवड़ यात्रियों को भोजन परोसकर उनकी सेवा भी की और उनकी मंगलमय यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

भक्ति के रंग में रंगा अमरकंटक

कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक राकेश शर्मा की भक्तिमय भजन संध्या ने माहौल को और भी आध्यात्मिक बना दिया। भजनों की मधुर प्रस्तुतियों के बीच श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन नजर आए। हर-हर महादेव के जयघोष और भक्ति संगीत से पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहा।

जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने बढ़ाया कांवड़ियों का उत्साह

इस अवसर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, कबीरधाम जिला अध्यक्ष राजेन्द्र चंद्रवंशी, पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अशोक साहू सहित जिला एवं जनपद के पदाधिकारी, मंडल एवं बूथ अध्यक्ष एवं प्रभारी, पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। माँ नर्मदा एवं नर्मदेश्वर महादेव के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा में शामिल होने वाले कांवड़िया भाई-बहनों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रही।

सिर्फ यात्रा नहीं, सनातन आस्था का संदेश

अमरकंटक से भोरमदेव तक निकलने वाली यह 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, समर्पण और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। माँ नर्मदा की पावन धारा से जल लेकर बाबा भोरमदेव को अर्पित करने की यह परंपरा श्रद्धालुओं को माँ नर्मदा और भगवान शिव की आराधना से जोड़ती है।

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस पावन यात्रा को लेकर क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित एवं मंगलमय यात्रा के साथ क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।