मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन विजन को मिली नई गति, बस्तर में नक्सल मामलों की त्वरित समीक्षा और पात्र बंदियों की रिहाई प्रक्रिया होगी तेज
रायपुर | 13 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति, न्याय और विकास की त्रिस्तरीय रणनीति पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने सोमवार को विधानसभा परिसर में बस्तर संभाग से आए जनप्रतिनिधियों, नक्सल प्रकरणों में निरुद्ध लोगों के परिजनों, नक्सल पीड़ितों तथा युवाओं से मुलाकात कर नक्सल मामलों के त्वरित और न्यायसंगत निराकरण को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और संवेदनशील प्रशासन के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र मामले की निष्पक्ष समीक्षा हो तथा निर्दोष अथवा पात्र बंदियों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत शीघ्र राहत मिल सके। सरकार का उद्देश्य कानून का सम्मान बनाए रखते हुए न्याय, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत करना है।
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 10 जुलाई को गृह विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में बस्तर संभाग के सभी 12 जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तथा अभियोजन अधिकारियों के साथ लंबित नक्सल प्रकरणों की व्यापक समीक्षा की गई। सभी मामलों को दो श्रेणियों—जनहानि वाले और जनहानि रहित—प्रकरणों में विभाजित कर त्वरित कार्रवाई की कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि जिन मामलों में जनहानि नहीं हुई है, उनकी समीक्षा अब प्रत्येक सप्ताह संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक, अभियोजन अधिकारियों और शासकीय अधिवक्ताओं की संयुक्त टीम करेगी, ताकि पात्र लोगों को शीघ्र राहत मिल सके। वहीं जिन मामलों में जनहानि हुई है और न्यायालयों में प्रकरण लंबित हैं, उनमें चालान, गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं में तेजी लाकर समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
विजय शर्मा ने कहा कि यदि किसी बंदी के परिजन अपने मामले की समीक्षा कराना चाहते हैं तो वे संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक को आवेदन दे सकते हैं। प्रत्येक आवेदन का विधिसम्मत परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर में केवल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास, विश्वास और पुनर्वास को समान प्राथमिकता देते हुए स्थायी शांति स्थापित करने के लिए कार्य कर रही है।
उप मुख्यमंत्री ने अपने हालिया बस्तर प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ग्रामीण पहली बार भयमुक्त वातावरण और विकास की नई संभावनाओं का अनुभव कर रहे हैं।
उन्होंने बस्तर के युवाओं से शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार और जैविक खेती के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के जैविक उत्पादों को एनपीओपी (National Programme for Organic Production) के तहत प्रमाणित कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

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