भोरमदेव बना इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 6 किमी इको ट्रेल का किया शुभारंभ,वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश,146 करोड़ की पर्यटन परियोजनाओं से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर

भोरमदेव बना इको-टूरिज्म का नया हॉटस्पॉट : उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 6 किमी इको ट्रेल का किया शुभारंभ,वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश,146 करोड़ की पर्यटन परियोजनाओं से बदलेगी भोरमदेव की तस्वीर

रायपुर । छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भोरमदेव अभ्यारण्य को इको-टूरिज्म के क्षेत्र में नई पहचान मिली है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को वन महोत्सव के अवसर पर भोरमदेव इको ट्रेल का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों और ग्रामीणों के साथ लगभग 6 किलोमीटर लंबे इको ट्रेल का पैदल भ्रमण कर घने जंगलों, जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का रोमांचक अनुभव लिया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भोरमदेव में पहले से संचालित जंगल सफारी को पर्यटकों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है और अब इको ट्रेल की शुरुआत से पर्यटकों को प्रकृति के और अधिक करीब जाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि घने जंगल, वन्यजीव, औषधीय वनस्पतियां और प्राकृतिक वातावरण भोरमदेव को देश के प्रमुख इको-टूरिज्म स्थलों में शामिल करने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यटन केवल घूमने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का सबसे प्रभावी साधन है। भोरमदेव में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से होटल, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, खान-पान और अन्य छोटे-बड़े व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए नेचर गाइड सहित अनेक रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

उप मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से भोरमदेव की प्राकृतिक विरासत को अपनी धरोहर मानकर उसकी सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विकास तभी सार्थक होगा, जब प्रकृति और पर्यटन दोनों का संतुलित संरक्षण किया जाएगा।

146 करोड़ की स्वदेश दर्शन परियोजना से होगा व्यापक विकास

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव क्षेत्र के समग्र पर्यटन विकास के लिए 146 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से प्रवेश द्वार, संग्रहालय, आधुनिक पार्क, पार्किंग, शेड, मेला स्थल, छेरकी महल, मड़वा महल, रामचूआ, सरोदा बांध सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद भोरमदेव राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान बनाएगा।

3 से 4 घंटे का रोमांच, प्रकृति के बीच अनूठा अनुभव

वन विभाग द्वारा विकसित लगभग 6 किलोमीटर लंबे भोरमदेव इको ट्रेल को पूरा करने में करीब 3 से 4 घंटे का समय लगेगा। इस दौरान पर्यटक प्रशिक्षित नेचर गाइड के साथ प्राकृतिक जंगलों का भ्रमण करेंगे तथा पक्षियों, तितलियों, वन्यजीवों, औषधीय वनस्पतियों और स्थानीय जैव विविधता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करेंगे।

वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का विशेष संदेश

वन महोत्सव के अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने करिया आमा ग्राम में 51 काला आम के पौधों का रोपण कर 'काला आम उपवन' की स्थापना की। इसके साथ ही पूरे जिले में 50 हजार सीड बॉल अभियान तथा एक लाख पौधों के वितरण अभियान की शुरुआत करते हुए ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम में बैगा समुदाय के 100 हितग्राहियों को सोलर लालटेन और जैकेट भी वितरित किए गए, जिससे दूरस्थ वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को सुविधा मिलेगी।

हर सप्ताह मिलेगा जंगल की सैर का अवसर

वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल ने बताया कि भोरमदेव इको ट्रेल का संचालन प्रत्येक शनिवार और रविवार को करियामा गेट स्थित भोरमदेव इको कैंप से किया जाएगा। प्रतिभागियों को अनुभवी नेचर गाइड के साथ सुरक्षित जंगल भ्रमण कराया जाएगा, जहां वे स्थानीय वन संपदा, जैव विविधता, पारंपरिक भोजन और भोरमदेव मंदिर की ऐतिहासिक विरासत से भी परिचित होंगे। इको ट्रेल में भाग लेने के लिए 1,000 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल, कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह, वन मंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।