सहकारिता को नई रफ्तार, सड़क सुरक्षा पर सख्ती और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर रोहित व्यास की तीन बड़ी बैठकों में विकास, अनुशासन और जनहित का स्पष्ट रोडमैप

सहकारिता को नई रफ्तार, सड़क सुरक्षा पर सख्ती और नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस: कलेक्टर रोहित व्यास की तीन बड़ी बैठकों में विकास, अनुशासन और जनहित का स्पष्ट रोडमैप

(विशेष लेख : प्रशांत सहाय की कलम से)

जशपुरनगर । जशपुर जिले में प्रशासनिक सक्रियता और सुशासन को नई दिशा देते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने मंगलवार को तीन महत्वपूर्ण बैठकों की अध्यक्षता कर सड़क सुरक्षा, नशामुक्ति अभियान और सहकारिता क्षेत्र को लेकर बड़े फैसले लिए। जिला सड़क सुरक्षा समिति, एनकार्ड समिति तथा जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठकों में उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की सुरक्षा, किसानों की सुविधा और समाज को नशामुक्त बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर ने ओवरस्पीड, बिना हेलमेट, नशे में वाहन चलाने, बिना लाइसेंस वाहन संचालन और ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। युवाओं में सुरक्षित ड्राइविंग की संस्कृति विकसित करने के लिए स्कूल, कॉलेज और हाट-बाजारों में विशेष लर्निंग लाइसेंस शिविर लगाने, स्कूल बसों में फायर एक्सटिंग्विशर एवं फर्स्ट एड किट अनिवार्य रखने तथा चालकों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ट्रैक्टरों में लगे आयरन केज व्हील का सड़कों पर उपयोग रोकने और ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा उपायों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने पर भी विशेष जोर दिया गया।

एनकार्ड समिति की बैठक में कलेक्टर ने जिले में नशे के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ी निगरानी, कोटपा एक्ट, नारकोटिक एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत लगातार कार्रवाई, स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। नशा मुक्ति केंद्रों तक जरूरतमंदों की पहुंच बढ़ाने और हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर भी बल दिया गया। साथ ही नशे की लत से ग्रसित शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के उपचार और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

वहीं जिला सहकारी विकास समिति की समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्रालय के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सहकारी सप्ताह की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने किसानों को खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने, समय पर कृषि ऋण वितरण सुनिश्चित करने तथा पैक्स और लैम्प्स समितियों को अधिक सशक्त बनाने के निर्देश दिए। राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं से सदस्यता बढ़ाने, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र के सुचारू संचालन, निष्क्रिय मछुआ एवं दुग्ध समितियों को पुनः सक्रिय करने तथा माइक्रो एटीएम सुविधा का अधिकाधिक लाभ किसानों तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया।

इन तीनों बैठकों के माध्यम से जिला प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जशपुर में सड़क सुरक्षा, नशामुक्त समाज और मजबूत सहकारिता व्यवस्था के जरिए जनहित एवं सुशासन को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

बैठकों में अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश पाटनवार, सभी एसडीएम, एसडीओपी तथा स्वास्थ्य, परिवहन, पुलिस, यातायात, आबकारी, शिक्षा, कृषि, सहकारिता और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।