विष्णु के सुशासन में श्रमिकों को डिजिटल सुरक्षा कवच : ई-केवाईसी से मजबूत होगी पहचान, योजनाओं का लाभ पहुंचेगा सीधे हितग्राहियों तक, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया शुरू
सभी श्रमिकों से आधार कार्ड के साथ निकटतम सीएससी केंद्र पहुंचकर जानकारी अपडेट कराने की अपील
जशपुरनगर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन, पारदर्शिता और जनहितकारी प्रशासन की प्राथमिकता के अनुरूप छत्तीसगढ़ में श्रमिक कल्याण को नई मजबूती मिल रही है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए आधार आधारित ई-केवाईसी प्रक्रिया प्रारंभ की गई है। इस पहल का उद्देश्य पात्र श्रमिकों की पहचान को सुदृढ़ करना, योजनाओं की पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करना तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक हितग्राहियों तक पहुंचाना है।
राज्य सरकार श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार प्रयासरत है। ई-केवाईसी अभियान के माध्यम से श्रमिकों के पंजीयन अभिलेखों का आधार कार्ड में उपलब्ध प्रमाणित जानकारी से मिलान कर आवश्यक संशोधन एवं अद्यतन किए जाएंगे। यह विशेष अभियान 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।
श्रम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को अपने मूल आधार कार्ड के साथ निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में उपस्थित होना होगा। सीएससी संचालक द्वारा श्रमिकों की पहचान का सत्यापन करते हुए पोर्टल के ‘रजिस्ट्रेशन अपडेशन मॉड्यूल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
सत्यापन के उपरांत श्रमिकों के नाम, जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक विवरणों को आधार में उपलब्ध प्रमाणित जानकारी के अनुसार अद्यतन किया जाएगा। इससे श्रमिकों का डाटाबेस अधिक सटीक, विश्वसनीय और पारदर्शी बनेगा तथा भविष्य में ई-केवाईसी, पंजीयन नवीनीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ वितरण में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आएगी।
इस प्रक्रिया के लिए आधार कार्ड की स्पष्ट प्रति, श्रमिक का सहमति पत्र, ई-साइन तथा मोबाइल ओटीपी प्रमाणीकरण अनिवार्य रखा गया है। लाभार्थी की वास्तविक पहचान सुनिश्चित करने के लिए आवेदन के दौरान श्रमिक की लाइव फोटो भी कैप्चर की जाएगी।
आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद प्रत्येक श्रमिक को एक विशिष्ट आवेदन क्रमांक प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से वह अपने आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकेगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रमिकों के हितों की रक्षा और योजनाओं की प्रभावी निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। ई-केवाईसी अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
श्रम विभाग ने सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों से निर्धारित समयावधि के भीतर अपने पंजीयन अभिलेखों का सत्यापन एवं आवश्यक संशोधन कराने की अपील की है। अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए श्रमिक श्रम पदाधिकारी कार्यालय जशपुर, जनपद पंचायतों में संचालित श्रम संसाधन केंद्र, निकटतम चॉइस सेंटर अथवा लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
तकनीक आधारित पारदर्शी व्यवस्था, श्रमिक हितों की सुरक्षा और योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में यह पहल विष्णु सरकार के सुशासन मॉडल को और मजबूत बनाने का कार्य करेगी।

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