तेज-तर्रार आदिवासी नेता रवि भगत ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा, सोशल मीडिया पोस्ट से मचा राजनीतिक भूचाल : फेसबुक पर इस्तीफा पत्र साझा कर जानकारी देते हुवे निजी कारणों का दिया हवाला, राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर तेज
रायगढ़/राजपुर। क्षेत्र के तेज-तर्रार आदिवासी नेता रवि भगत ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस्तीफा पत्र साझा करते हुए दी। सोशल मीडिया पर पोस्ट सामने आते ही इलाके की राजनीति में हलचल मच गई और राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
रवि भगत ने अपने फेसबुक पोस्ट में "वन्दे मातरम्, जय श्रीराम, जोहार" लिखते हुए इस्तीफा पत्र सार्वजनिक किया। पत्र भाजपा मंडल अध्यक्ष रमेश होता के नाम संबोधित है। इसमें उन्होंने लिखा है कि भाजपा ने एक छोटे से गांव के व्यक्ति को सम्मान और पहचान दी, जिसके लिए वे पार्टी के प्रति कोटि-कोटि धन्यवाद व्यक्त करते हैं। हालांकि, उन्होंने कुछ निजी कारणों का उल्लेख करते हुए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता छोड़ने का निर्णय लेने की बात कही है और त्यागपत्र स्वीकार करने का अनुरोध किया है।
पत्र में यह भी उल्लेख है कि इसकी प्रतिलिपि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और रायगढ़ जिला अध्यक्ष को भेजी गई है। रवि भगत की ओर से सोशल मीडिया पर यह जानकारी सार्वजनिक किए जाने के बाद उनके समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
रवि भगत आदिवासी समाज के सक्रिय और मुखर नेताओं में माने जाते हैं। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर उनकी सक्रियता के कारण क्षेत्र में उनकी अलग पहचान है। ऐसे में उनके इस्तीफे को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने इस्तीफे में किसी संगठनात्मक विवाद या असंतोष का उल्लेख नहीं किया है और केवल निजी कारणों का हवाला दिया है।
फिलहाल भाजपा की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, रवि भगत के अगले राजनीतिक कदम को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे भविष्य में किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थामते हैं या स्वतंत्र रूप से सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहते हैं।

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