जशपुर में स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल, उद्यम ऋण से जोड़ने पर जोर : 130 प्रतिभागियों की कार्यशाला में रोजगार और स्वरोजगार विस्तार की रणनीति पर मंथन, उत्कृष्ट FLCRPs सम्मानित
जशपुर, 11 अगस्त 2026। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं एवं सदस्यों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके छोटे व्यवसायों को बड़े उद्यम में बदलने की दिशा में जशपुर जिला प्रशासन ने कदम तेज कर दिए हैं। जिला पंचायत सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण कार्यशाला में स्व-सहायता समूहों के सदस्यों को उद्यम ऋण से जोड़ने, बैंकिंग सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने और मौजूदा उद्यमों के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के सभी विकासखंडों से जनपद पंचायत सीईओ, बीपीएम एनआरएलएम, एरिया कोऑर्डिनेटर्स, PRPs और विशेष रूप से FLCRPs सहित लगभग 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
‘सिर्फ समूह तक सीमित नहीं, उद्यम तक पहुंचाना है’
कार्यशाला का मुख्य फोकस स्व-सहायता समूहों को केवल बचत और समूह गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यवस्थित उद्यम और आय के स्थायी साधन से जोड़ना रहा।
FLCRPs को निर्देशित किया गया कि वे अधिक से अधिक स्व-सहायता समूह सदस्यों को उद्यम ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित करें तथा ऋण प्राप्त करने के बाद उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन भी दें।
इसके साथ ही बैंकिंग एवं ऋण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए समूह सदस्यों को विभिन्न वित्तीय सेवाओं से जोड़ने पर भी विशेष जोर दिया गया।
बेहतर काम करने वाली FLCRPs को मिला सम्मान
कार्यशाला के दौरान वित्तीय वर्ष में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली FLCRPs को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया गया। मनोरा ब्लॉक की सरिता एवं सलेहा, जशपुर ब्लॉक की शोभा टोप्पो तथा बगीचा ब्लॉक की विजयी गंगा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान की गई।
इस दौरान अन्य FLCRPs को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया और अधिक से अधिक स्व-सहायता समूह सदस्यों को उद्यम ऋण से जोड़कर उनकी आर्थिक गतिविधियों का विस्तार कराने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
बैंकिंग से लेकर उद्यम विस्तार तक बनेगी मजबूत कड़ी
कार्यशाला में इस बात पर जोर दिया गया कि समूहों को ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें सही वित्तीय जानकारी, बैंकिंग प्रक्रिया और उद्यम संचालन से संबंधित मार्गदर्शन भी मिलना जरूरी है। इससे समूहों के छोटे कारोबार को विस्तार देने और सदस्यों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कार्यशाला में जिला एनआरएलएम टीम की ओर से DMM-NRLM श्री विजय शरण प्रसाद, DPM श्री अमीन खान, DH-Sa-Dhan श्री रवि कुमार बघेल, DPM श्री भरत पटेल एवं DPM श्री गया चौरसिया सहित जिला स्तरीय सहयोगी स्टाफ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
जशपुर में महिला समूहों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कार्यशाला का संदेश स्पष्ट रहा कि स्व-सहायता समूहों को केवल समूह गतिविधियों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यम, बैंकिंग और बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत किया जाए। उद्यम ऋण और बेहतर मार्गदर्शन के जरिए समूह सदस्यों के व्यवसाय को विस्तार देने की पहल जशपुर में ग्रामीण आजीविका और स्वरोजगार को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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