EXCLUSIVE - एक माह में सुशासन की नई पहचान : सीएम हेल्पलाइन बनी जनता की आवाज, 92 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज, 42 हजार से ज्यादा समस्याओं का समाधान 48 विभाग एक मंच पर, रायपुर सबसे आगे, ऊर्जा विभाग समाधान में अव्वल
(विशेष । संपादक प्रशांत सहाय की कलम से)
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन को मजबूत बनाने की दिशा में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन ने महज एक महीने के भीतर ही जनता का भरोसा जीत लिया है। अब आम नागरिक को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। एक फोन कॉल के जरिए शिकायत दर्ज हो रही है और समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।
सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा संचालित इस व्यवस्था ने 48 विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़कर शिकायत निवारण प्रणाली को नई पहचान दी है। 13 जुलाई 2026 तक के आंकड़े बताते हैं कि 92,883 नागरिकों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं, जिनमें से 42,653 शिकायतों का सफल निराकरण किया जा चुका है। इनमें 13,600 प्रकरण ऐसे हैं जिन्हें शिकायतकर्ताओं ने स्वयं समाधान से संतुष्ट होकर बंद कराया, जो इस व्यवस्था की विश्वसनीयता का सबसे बड़ा प्रमाण माना जा रहा है।
जनता का भरोसा बना सीएम हेल्पलाइन की सबसे बड़ी ताकत
सरकार द्वारा शुरू की गई यह पहल केवल शिकायत दर्ज करने का माध्यम नहीं रही, बल्कि नागरिकों और शासन के बीच विश्वास का मजबूत पुल बनकर उभरी है। गांव से लेकर शहर तक लोग बिजली, सड़क, पानी, राजस्व, पंचायत, नगरीय सेवाओं सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए तेजी से हेल्पलाइन का उपयोग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी जनसुनवाई प्रणाली की सफलता शिकायतों की संख्या से नहीं, बल्कि समाधान और नागरिकों की संतुष्टि से मापी जाती है। इस दृष्टि से सीएम हेल्पलाइन का पहला महीना उल्लेखनीय रहा है।
विभागवार आंकड़ों ने प्रमाणित किया हेल्पलाइन की उपयोगिता
विभागवार आँकड़े बताते हैं कि नागरिक अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए हेल्पलाइन का खुलकर उपयोग कर रहे हैं। सर्वाधिक 18,708 शिकायतें ऊर्जा विभाग को, 14,984 पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को तथा 12,993 राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को प्राप्त हुई। उत्साहजनक बात यह है कि समाधान में भी यही विभाग सबसे आगे रहे। ऊर्जा विभाग ने सर्वाधिक 3,066 शिकायतों का निस्तारण किया, वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 2,530 तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 1,314 प्रकरणों का समाधान कर नागरिकों को राहत पहुँचाई।
सर्वाधिक 18,708 शिकायतें ऊर्जा विभाग को प्राप्त हुई, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 14,984 तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग को 12,993 शिकायतें मिलीं। समाधान की रफ्तार भी इन्हीं विभागों में सबसे तेज रही। ऊर्जा विभाग ने 3,066 शिकायतों का निस्तारण कर पहला स्थान बनाए रखा, वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने 2,530 तथा राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 1,314 प्रकरणों का समाधान कर नागरिकों के चेहरों पर राहत लौटाई।
रायपुर बना सबसे सक्रिय जिला
राजधानी रायपुर ने शिकायत दर्ज कराने और समाधान दोनों मामलों में प्रदेश में अग्रणी स्थान हासिल किया। वहीं बिलासपुर और दुर्ग भी शीर्ष जिलों में शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि नागरिक अब डिजिटल जनसुनवाई प्रणाली पर तेजी से भरोसा जता रहे हैं।जिलों की तस्वीर भी उत्साह बढ़ाने वाली है। राजधानी रायपुर में सर्वाधिक 11,613 शिकायतें दर्ज हुईं और 2,069 नागरिकों को समाधान मिला। बिलासपुर में 7,859 शिकायतों के विरुद्ध 1,109 तथा दुर्ग में 6,608 शिकायतों के विरुद्ध 977 प्रकरणों का सफल निस्तारण किया गया।
प्रौद्योगिकी ने बढ़ाई पारदर्शिता
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज होने के बाद उसका ऑनलाइन पंजीयन, संबंधित विभाग को तत्काल प्रेषण, समयबद्ध मॉनिटरिंग और निरंतर फॉलोअप जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। इससे शिकायतों के लंबित रहने की संभावना कम हुई है और जवाबदेही भी बढ़ी है।
महज एक महीने में सीएम हेल्पलाइन ने यह साबित कर दिया है कि यदि शासन इच्छाशक्ति, तकनीक और जवाबदेही के साथ कार्य करे तो जनसुनवाई व्यवस्था केवल औपचारिकता नहीं रहती, बल्कि आम नागरिक के जीवन में वास्तविक बदलाव ला सकती है। 92 हजार से अधिक शिकायतों का पंजीयन और 42 हजार से अधिक मामलों का समाधान यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ में डिजिटल सुशासन का नया अध्याय शुरू हो चुका है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि "हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। सीएम हेल्पलाइन सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। नागरिकों का बढ़ता विश्वास इस व्यवस्था की सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। हमारी कोशिश है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकने को मजबूर न हो।"
चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मयंक अग्रवाल ने कहा कि
"सीएम हेल्पलाइन को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है, जिससे शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और समयबद्ध निराकरण संभव हो रहा है। तकनीक और प्रशासन के बेहतर समन्वय से नागरिकों को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना हमारा लक्ष्य है। आने वाले समय में इस प्रणाली को और अधिक प्रभावी तथा नागरिक-अनुकूल बनाया जाएगा।"

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