जशपुर में सिंचाई क्रांति की शुरुआत: बगिया एम-कैड योजना से 13 गांवों के 4,933 हेक्टेयर में पहुंचेगा पानी, किसानों की आय बढ़ाने आधुनिक तकनीक से होगी सिंचाई,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेज़ी से चल रहा बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना का निर्माण

जशपुर में सिंचाई क्रांति की शुरुआत: बगिया एम-कैड योजना से 13 गांवों के 4,933 हेक्टेयर में पहुंचेगा पानी, किसानों की आय बढ़ाने आधुनिक तकनीक से होगी सिंचाई,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेज़ी से चल रहा बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना का निर्माण

जशपुरनगर, 16 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाली समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-कैड) योजना तेजी से आकार ले रही है। कांसाबेल विकासखंड के ग्राम दोकड़ा में भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "किसानों के लिए समृद्धि की पाठशाला" में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, कलेक्टर रोहित व्यास, जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक शुभम पटोरी, राज्य नोडल अधिकारी आलोक अग्रवाल, जनप्रतिनिधि, 13 ग्राम पंचायतों के सरपंच, स्व-सहायता समूह की महिलाएं तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने सभी को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह परियोजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी। इससे रबी और खरीफ दोनों मौसम में पर्याप्त सिंचाई उपलब्ध होगी, खेती का रकबा बढ़ेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरदर्शी सोच के कारण जशपुर को यह ऐतिहासिक परियोजना मिली है।

मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने किसानों और महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आधुनिक सिंचाई व्यवस्था से जशपुर के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा और कृषि अधिक लाभकारी बनेगी।

13 गांव, 4,933 हेक्टेयर और आधुनिक प्रेसराइज्ड पाइप नेटवर्क

कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक सिंचाई प्रणाली से जोड़ना है। इसके लिए जिले के किसानों को मध्यप्रदेश के मोहनपुरा-कुंडलिया सिंचाई परियोजना का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया, ताकि वे इस मॉडल को समझ सकें।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे पानी सीधे खेतों तक पहुंचेगा, जल की बर्बादी रुकेगी और सिंचाई अधिक प्रभावी होगी।

यह योजना बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, दोकड़ा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड और ढुढुडांड सहित 13 गांवों के लगभग 4,933 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराएगी।

देश की 34 परियोजनाओं में शामिल बगिया क्लस्टर

कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्रालय के उप संचालक शुभम पटोरी ने बताया कि एम-कैड परियोजना तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है—

भूमिगत पाइप नेटवर्क के माध्यम से खेतों तक पानी पहुंचाना।

जल उपभोक्ता समिति के जरिए स्थानीय स्तर पर जल प्रबंधन।

किसानों की आवश्यकता के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से जल वितरण।

उन्होंने कहा कि इससे किसान वर्षा पर निर्भर नहीं रहेंगे तथा दो से तीन फसलें लेकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकेंगे।

119 करोड़ की परियोजना, केंद्र से मिली 95.89 करोड़ की मंजूरी

राज्य नोडल अधिकारी आलोक अग्रवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा अप्रैल 2025 में एम-कैड कार्यक्रम शुरू किया गया था। देशभर में स्वीकृत 34 परियोजनाओं में छत्तीसगढ़ का बगिया क्लस्टर शामिल है।

इस परियोजना के लिए भारत सरकार ने 95.89 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं, जबकि कुल परियोजना लागत लगभग 119 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण कार्य छह माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सौर ऊर्जा और स्मार्ट तकनीक से होगा जल प्रबंधन

परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सौर ऊर्जा आधारित विद्युत आपूर्ति, SCADA (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन) तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस खेत में, कब और कितनी मात्रा में पानी पहुंचाना है।

परियोजना का संचालन प्रारंभिक पांच वर्षों तक निर्माण एजेंसी करेगी, इसके बाद इसकी जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी, जिसमें महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।

हर बूंद का बेहतर उपयोग, किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

एम-कैड योजना का उद्देश्य केवल सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि हर बूंद पानी का वैज्ञानिक उपयोग, जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, कृषि उत्पादन में वृद्धि करना और किसानों की आय को स्थायी रूप से मजबूत बनाना है। आधुनिक सिंचाई तकनीक किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में भी मदद करेगी।

मुख्यमंत्री का बगिया आगमन, हुआ आत्मीय स्वागत

इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने गृह ग्राम बगिया पहुंचे, जहां हेलीपैड पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। स्वागत करने वालों में कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी शशि कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

बगिया एम-कैड परियोजना जशपुर की कृषि व्यवस्था में बदलाव का आधार बनने जा रही है। आधुनिक तकनीक, भूमिगत पाइप नेटवर्क, सौर ऊर्जा आधारित जल प्रबंधन और किसानों की भागीदारी के साथ यह योजना न केवल सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि जशपुर को देश में आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।