'घोटालों पर पर्दा डालने और आरोपियों को बचाने के लिए आंदोलन कर रही कांग्रेस' : भाजपा
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस पर बड़ा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि विपक्ष जनता के हितों के लिए नहीं, बल्कि घोटालों में कथित रूप से संलिप्त लोगों को बचाने के लिए आंदोलन की राजनीति कर रहा है। भाजपा प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने महादेव सट्टा एप मामले में सौरभ चंद्राकर तथा कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी का उल्लेख करते हुए कांग्रेस से कई सवाल पूछे।
पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान प्रदेश में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के मामले सामने आए, जिनसे राज्य की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदेश से बाहर भेजी गई, जिससे प्रदेश के बाजारों में धन का प्रवाह कम हुआ और व्यापारिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ा।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जब भी कांग्रेस से इन मामलों पर जवाब मांगा जाता है तो वह तथ्यों पर चर्चा करने के बजाय केंद्रीय जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दुर्भावना का आरोप लगाने लगती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जांच एजेंसियों पर सवाल उठाने के बजाय महादेव सट्टा एप, शराब घोटाला और राइस मिलिंग वसूली जैसे मामलों पर अपना स्पष्ट पक्ष रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने महादेव सट्टा एप मामले को राजनीतिक साजिश बताया था, लेकिन अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा इस मामले में 3,800 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किए जाने के बाद कांग्रेस को अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
राइस मिलिंग व्यवस्था का उल्लेख करते हुए पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कस्टम मिलिंग शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल किया गया तथा प्रति क्विंटल 20 रुपये की अवैध वसूली की गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जनता को बताना चाहिए कि इस व्यवस्था की आवश्यकता क्यों पड़ी और इससे किसे लाभ पहुंचा।
महादेव सट्टा एप प्रकरण का जिक्र करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस मामले का कथित मुख्य सूत्रधार दुर्ग जिले से जुड़ा है, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का गृह जिला भी है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इतने बड़े स्तर पर संचालित गतिविधियां तत्कालीन सरकार की जानकारी के बिना संभव थीं?
पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वर्तमान कोषाध्यक्ष का नाम विभिन्न मामलों में सामने आ रहा है, पूर्व आबकारी मंत्री जेल जा चुके हैं और कई वरिष्ठ अधिकारी भी जांच के दायरे में हैं। ऐसे में कांग्रेस जनता के मुद्दों पर संघर्ष करने के बजाय अपने नेताओं और पदाधिकारियों को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में कांग्रेस जनता की समस्याओं को लेकर सड़क पर दिखाई नहीं दी, लेकिन जैसे ही भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई तेज हुई, कांग्रेस आंदोलन की घोषणा करने लगी। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस का उद्देश्य जनहित नहीं, बल्कि कथित घोटालों से जुड़े लोगों को राजनीतिक संरक्षण देना है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता सब कुछ देख रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में जवाबदेही चाहती है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता तथ्यों के आधार पर अपना निर्णय करेगी और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किसी भी प्रकार के भ्रम में नहीं आएगी।

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