'गांव के बच्चों में शुगर' की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा खुलासा, पूरे जशपुर जिले में केवल 15 बाल मधुमेह मरीज : मुख्यमंत्री बाल मधुमेह योजना के तहत सभी का निःशुल्क जांच, दवा और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा,नियमित स्क्रीनिंग से समय पर हो रही पहचान

'गांव के बच्चों में शुगर' की आशंका पर स्वास्थ्य विभाग का बड़ा खुलासा, पूरे जशपुर जिले में केवल 15 बाल मधुमेह मरीज : मुख्यमंत्री बाल मधुमेह योजना के तहत सभी का निःशुल्क जांच, दवा और विशेषज्ञ उपचार की सुविधा,नियमित स्क्रीनिंग से समय पर हो रही पहचान

जशपुरनगर। जिले में बच्चों में मधुमेह (डायबिटीज) के बढ़ते खतरे को लेकर प्रकाशित समाचारों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जशपुर में हालात चिंताजनक नहीं हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. जात्रा ने बताया कि जिले में अब तक बाल मधुमेह के केवल 15 प्रकरण ही सामने आए हैं और सभी बच्चों का मुख्यमंत्री बाल मधुमेह योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों तक नियमित रूप से मधुमेह की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसी सतत जांच अभियान के दौरान अब तक केवल 15 बच्चों में मधुमेह की पुष्टि हुई है, जिन्हें समय पर चिन्हित कर उपचार शुरू कर दिया गया है।

सीएमएचओ ने बताया कि सभी बाल मधुमेह मरीजों को योजना के अंतर्गत निःशुल्क जांच, आवश्यक दवाइयां, विशेषज्ञ चिकित्सकों का परामर्श तथा नियमित फॉलोअप की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही बच्चों और उनके अभिभावकों को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, शारीरिक गतिविधि और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मधुमेह सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्क्रीनिंग अभियान संचालित किए जा रहे हैं, ताकि बच्चों को शुरुआती अवस्था में ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी भ्रामक जानकारी पर विश्वास करने के बजाय स्वास्थ्य संस्थानों से प्रमाणित जानकारी प्राप्त करें और बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहें।