साय सरकार का बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में AI क्रांति की ऐतिहासिक शुरुआत, तकनीक के नए दौर में बढ़ा राज्य
रायपुर : विकास की नई दिशा में अग्रसर छत्तीसगढ़, पारंपरिक विकास की सीमाओं को पार करते हुए तकनीकी नवाचार और डिजिटल परिवर्तन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। निर्विवादित रूप से इस वृहद परिवर्तन का श्रेय राज्य के दूरदर्शी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व को जाता है। यह ऐतिहासिक फैसला राज्य को भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप ढालने का काम कर रहा है। हाल ही में हुए मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृत निर्णयों से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ अब संसाधन के साथ ज्ञान और तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में
AI मिशन बन रहा तकनीकी क्रांति का सशक्त आधार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में 500 करोड़ रुपये के “छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन” की स्वीकृति प्रदेश के लिए एक सौगात बन रही है। यह मिशन एक तकनीकी पहल के साथ एक व्यापक दृष्टिकोण का प्रतीक भी है जो शिक्षा, रोजगार, उद्योग और प्रशासन को एक साथ जोड़ने वाला है। अगले पाँच सालों में इस मिशन के तहत 100 AI डेटा लैब की स्थापना, 5 उत्कृष्टता केंद्रों का निर्माण और 300 से ज़्यादा AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने की योजना बनाई गई है। यह पहल प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान करने के अलावा उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करेगी
युवाओं के लिए हो रहा अवसरों का विस्तार
इस मिशन का सबसे बड़ा लाभ राज्य के युवाओं को मिलने जा रहा है। 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख शासकीय कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की शासकीय योजना, कौशल विकास के क्षेत्र में एक महावपूर्ण कदम है। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के साथ नवाचार और उद्यमिता की दिशा में भी राज्य आगे बढ़ सकेगा।
छत्तीसगढ़ की साय सरकार का यह स्पष्ट दृष्टिकोण है कि तकनीक का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसी के मद्देनज़र प्रदेश मे AI आधारित 50 से अधिक सरकारी सेवाओं को विकसित करने की योजना बनाई गई है। इस योजना से आम नागरिकों को तेज़, पारदर्शी और सरल सेवाएं मिल सकेगी।
डिजिटल सुशासन बन रहा पारदर्शिता और दक्षता की नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दक्ष और कुशल नेतृत्व में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लोक निर्माण विभाग में WAMIS प्रणाली लागू करने का लिया गया निर्णय प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने वाला है। यह प्रणाली कार्य स्वीकृति से लेकर भुगतान और गुणवत्ता निगरानी तक सभी प्रक्रियाओं को एक ही मंच पर लाएगी। इससे भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी और कार्यों की गति में उल्लेखनीय सुधार होगा।
औद्योगिक विकास के आसमान मे BEML संयंत्र से छत्तीसगदेश के औद्योगिक मानचित्र पर छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाने के लिए मुख्यमंत्री साय ने BEML विनिर्माण संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी है। BEML संयंत्र, छत्तीसगढ़ का पहला भारी अर्थ मूविंग उपकरण निर्माण संयंत्र होगा, जो औद्योगिक विकास की दिशा में छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
MSME सेक्टर को नई ऊर्जा मिलने के साथ इस संयंत्र से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इस पहल से राज्य में निवेश का मज़बूत वातावरण तैयार हो रहा है इसके साथ ही छत्तीसगढ़ एक उभरते हुए औद्योगिक हब के रूप में स्थापित हो रहा है।
वित्तीय पारदर्शिता और सुशासन का सशक्त S-SNA मॉडल
राज्य सरकार द्वारा S-SNA मॉडल को लागू करने का निर्णय वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन को सुनिश्चित करने वाला है। इसके द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक समय में निगरानी संभव हो सकेगी जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इसके साथ ही ADB के सहयोग से “अंजोर LIGHT” परियोजना का क्रियान्वयन विकास कार्यों की निगरानी और प्रभावशीलता को नई दिशा देगा।
ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय यह मानते हैं कि भविष्य की अर्थव्यवस्था ज्ञान और तकनीक पर आधारित होने वाली है। AI मिशन भी छत्तीसगढ़ को एक ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करने वाला कदम है। AI मिशन और S-SNA मॉडल राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना कर छत्तीसगढ़ को तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री का यह निर्णय छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव बन रहा है। AI मिशन, डिजिटल सुशासन और औद्योगिक विकास से राज्य एक नई पहचान गढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रखर नेतृत्व से छत्तीसगढ़ का सुंदर भविष्य निर्मित हो रहा है। मुख्यमंत्री का दूरदर्शी दृष्टिकोण राज्य को विकास, नवाचार और समृद्धि के नए शिखर तक पहुंचा रहा है।

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