सिकल सेल की समय पर पहचान से बचेंगी बेटियां, जशपुर में 60 किशोरियों की जांच में 4 मामले आए सामने
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के तहत स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, सिकल सेल और हीमोग्लोबिन जांच शिविर में 130 प्रतिभागी हुए शामिल
जशपुरनगर, 23 जून 2026। देशभर में किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और सशक्तिकरण को लेकर चलाए जा रहे प्रयासों के बीच छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक सराहनीय पहल सामने आई है। ‘‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’’ योजना के अंतर्गत आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर में किशोरी बालिकाओं का सिकल सेल एनीमिया एवं हीमोग्लोबिन परीक्षण किया गया, जिसमें 60 बालिकाओं की स्क्रीनिंग के दौरान 4 बालिकाएं सिकल सेल पॉजिटिव पाई गईं।
कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संगम चौक स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करना था।
सिकल सेल संगवारी टीम द्वारा की गई जांच में चिन्हित बालिकाओं को आगे की जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से रेफर किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी की समय रहते पहचान होने से इसके प्रभाव को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
शिविर में केवल स्वास्थ्य परीक्षण ही नहीं, बल्कि किशोरियों को जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूक किया गया। एकीकृत बाल विकास परियोजना के योगेश भगत ने पोषण, स्वास्थ्य एवं माहवारी स्वच्छता पर जानकारी दी। संरक्षण अधिकारी शिखा शर्मा ने घरेलू हिंसा से संरक्षण, महिला हेल्पलाइन 181 तथा सखी वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में बताया।
मिशन शक्ति हब की समन्वयक नेहा नायक ने मासिक धर्म स्वच्छता एवं व्यक्तिगत स्वास्थ्य पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, बाल विवाह, बाल श्रम तथा मोबाइल के दुरुपयोग जैसे सामाजिक विषयों पर भी बालिकाओं को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, परियोजना समन्वयकों, स्वास्थ्य विभाग की संगवारी टीम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं सहित कुल 130 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
देश में सिकल सेल उन्मूलन अभियान को गति देने के बीच जशपुर का यह प्रयास ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों की किशोरियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है। स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ पोषण, स्वच्छता, महिला सुरक्षा और करियर मार्गदर्शन जैसे विषयों को एक मंच पर जोड़कर किशोरियों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है।

Reporter 