Kaushambi Blast: लाइसेंस रद्द फिर भी चल रही थी पटाखा फैक्ट्री, 15 मौतों के बाद 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड
प्रयागराज। कौशांबी में आबादी के बीच अवैध रूप से चल रही पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए भीषण विस्फोट ने अब तक 15 निर्दोषों की जान ले ली। लचर और लापरवाह व्यवस्था के कारण हुई इन मौतों में शामिल 10 बच्चे थे। इसके अलावा चार पुरुष और एक महिला की जान गई। चार मृतक एक ही परिवार के हैं। दो परिवार के तीन-तीन सदस्यों की जान गई। तीन गंभीर घायलों को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया है।
प्रकरण में लापरवाही पर नौ पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इसमें लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर, छह दारोगा और दो सिपाही पर कार्रवाई की गई है। आईजी अजय कुमार मिश्रा के निर्देश पर पिपरी थाना व चौकी में पिछले दो वर्ष में तैनात रहे यहां पुलिस कर्मियों को खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अब तक इनकी हुई मौत
– प्रियांजलि (पांच वर्ष) पुत्री मंजीत कुमार
-प्रवीण सिंह (13 वर्ष) पुत्र मंजीत
-जाह्नवी (12 वर्ष) पुत्री गया प्रसाद
-आदित्य (12 वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-रवि (आठ वर्ष) पुत्र गया प्रसाद
-ज्ञान सिंह (40 वर्ष) पुत्र हरिमोहन
-आदित्य (आठ वर्ष) पुत्र अज्ञात
-अंजू (23 वर्ष) पत्नी विक्रम सरोज
-विक्रम सरोज (35 वर्ष)
-अंश (छह वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
-नन्हा (04 वर्ष) पुत्र विक्रम सरोज
– अन्य का नाम अभी ज्ञात नहीं
मानव अंग के अवशेष से सुनील की शिनाख्त
अवैध पटाखा फैक्ट्री के ठीक बगल बूंदी का कारखाना था। सोमवार को घटना के वक्त कारखाने में रहे दो मजदूरों की मौत हो गई थी, एक शव की शिनाख्त हुई जबकि दूसरे का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। शव की शिनाख्त कराना पुलिस के लिए चुनौती बन गया था लेकिन इन कयासों पर विराम लगाया उमा ने। दिव्यांग का कटा हुआ पैर देख बिलखी उमा ने उसकी पहचान अपने भाई सुनील मौर्य के रूप में की। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी।
30 वर्षीय सुनील मौर्या पुत्र बब्बू निवासी पकसराई थाना चरवा बूंदी कारखाना में काम करता था। इसका हाथ मिला था। जिस पर पत्नी का नाम लिखा था, पत्नी रेखा देवी ने हाथ की पहचान किया है। उनके बेटे साक्षी 10 साल, प्रियांशु, आठ, शनि छह, सौरभ चार साल बच्चे हैं। कल रात में सुनील मौर्य की बहन शोभा देवी आई थी लेकिन पहचान नहीं हो पाई। आज दूसरी छोटी बहन उमा देवी आई है पैर की पहचान की है और बताया कि भाई का हाथ बोरी में भरा था उसमें गोदना से लिखा था लेकिन वह बोरी नहीं मिली है।
दरअसल, नौशाद की पटाखा फैक्ट्री आबादी में होने के कारण ही दो साल पहले फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था, लेकिन व्यवस्था आंखें मूंदे रही और नौशाद का बेटा आदिल कुछ दूरी पर बिना लाइसेंस के ही पिता के कारोबार को जानलेवा तरीके से बढ़ाता गया।
नौशाद का परिवार और उसके करीबी रिश्तेदार भी बारूदी पटाखे बनाने का ही काम करते हैं। सुबह बचाव कार्य के दौरान एक ही परिवार के तीन शव मिले, इसमें विक्रम और उनके दो बेटे अंश और शिवम शामिल हैं। जबकि सुनील मौर्य का कटा हुआ हाथ प्रयागराज व पैर कौशांबी के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया। बहन उमा ने दिव्यांग भाई के पैर की पहचान की।उसके हाथ पर पत्नी का नाम देख सुनील मौर्य के रूप में पहचान की गई। पुलिस अब इसकी आधिकारिक पुष्टि डीएनए टेस्ट से कराएगी ।
सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी में अवैध रूप से संचालित पटाखा फैक्ट्री में धमाका हो गया। इससे कई मकान जमींदोज तो छह घर क्षतिग्रस्त हो गए। उस समय तक हादसे में एक परिवार चार सदस्य समेत 11 की दर्दनाक मौत हो गई थी जबकि 20 से अधिक घायल हुए। उन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। ट्रेनों का संचालन करीब एक घंटे तक बाधित रहा।
एयरफोर्स स्टेशन मनौरी से करीब दो किमी दूर पटाखा फैक्ट्री में धमाका इतना तेज हुआ कि उसकी गूंज करीब ढाई किलोमीटर तक सुनाई दी। करीब 500 मीटर दूर तक सरिया, मकान के अवशेष बिखर गए। पुलिस, प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन की रेस्क्यू आपरेशन चला रही है। एयरफोर्स के 50 जवान भी राहत और बचाव कार्य में जुटे रहे। जेसीबी से मलबा हटाकर दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
चीख-पुकार के बीच सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर पहुंचकर इनपुट जुटाती रहीं। पिपरी थाने में गया प्रसाद की तहरीर पर छह के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है। पुलिस ने अवैध फैक्ट्री संचालन से जुड़े कई लोगों को पकड़ा है, लेकिन मालिक गायब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से मृतक के परिवार को दो लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई है। जल्द ही कुछ कर्मचारियों को निलंबित किए जाने की बात भी कही गई है।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर स्थित मनौरी बाजार से कुछ दूर चिल्ला शहबाजी (मीरपुर) गांव है। यहां एक नई कालोनी विकसित हो रही है। खेत के बीच में ही मनौरी निवासी आदिल की ओर से अवैध पटाखा फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा था। दो साल पहले उसकी फैक्ट्री का लाइसेंस रद कर दिया गया था। फैक्ट्री के बगल ही धारा केसरवानी की बूंदी बनाने का कारखाना था। उसके बगल ही कई मकान हैं, जहां रेलकर्मी, बैंककर्मी समेत अन्य का परिवार रहता है।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र स्थित मनौरी के पास चिल्ला शहबाजी गांव की पटाखा फैक्ट्री में सोमवार को हुए विस्फोट और 15 लोगों की मौत होने पर नौ पुलिस कर्मियों पर गाज गिरी है। आइजी अजय कुमार मिश्रा ने लापरवाही बरतने पर एक इंस्पेक्टर और छह दारोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके बाद दो और पर कार्रवाई हुई। आइजी के निर्देश पर पिपरी थाना व चौकी में पिछले दो वर्ष में तैनात रहे यहां पुलिस कर्मियों को खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है।
निलंबित होने वालों में निरीक्षक शिवचरण राम, उपनिरीक्षक विकास सिंह, विनय सिंह, अजीत कुमार सिंह, अभिषेक गुप्ता, मनीष पाल व अमित द्विवेदी शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को रात कौशांबी एसपी ने दो बीट आरक्षी को निलंबित करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन लोगों को लाइन हाजिर किया था।

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