*प्रधानमंत्री धन - धान्य कृषि योजना के तहत जिले की सभी समितियों मे लगेगा विशेष कृषि शिविर*

*प्रधानमंत्री धन - धान्य कृषि योजना के तहत जिले की सभी समितियों मे लगेगा विशेष कृषि शिविर*

*प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत जिले की सभी समितियों में लगेगा विशेष कृषि शिविर*

*रबी क्षेत्र विस्तार एवं दलहन-तिलहन उत्पादकता बढ़ाने कृषि विभाग करेगा जागरूकता शिविरों का आयोजन*

   जशपुरनगर, 08 दिसंबर 2025/ प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के अंतर्गत कृषकों को रबी फसल की आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा मत्स्यपालन, पशुपालन सहित अन्य कृषि-संबद्ध व्यवसायों की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से प्रत्येक समिति में विशेष प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

इन शिविरों में जिले के ऐसे उत्कृष्ट एवं प्रगतिशील कृषकों को प्रशिक्षक के रूप में जोड़ा गया है, जो आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर खेती में अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। ये प्रशिक्षक कृषक अपने अनुभव, कठिनाइयों, तथा विभागीय योजनाओं से प्राप्त लाभों को अन्य कृषकों के साथ साझा करेंगे, जिससे अधिक से अधिक किसान आधुनिक खेती अपनाकर लाभान्वित हो सकें।

     साथ ही कृषि एवं संबद्ध विभाग के अधिकारी किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदान प्राप्ति की प्रक्रिया, तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के मार्गदर्शन की जानकारी प्रदान करेंगे। इन शिविरों में कृषि विज्ञान केन्द्र एवं कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक भी शामिल रहेंगे, जो आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार कर किसानों को उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

*दलहन-तिलहन उत्पादक कृषकों को समर्थन मूल्य पर उपज बेचने की सुविधा*

  जशपुर जिले में कुल 09 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का पंजीयन किया गया है, जहाँ दलहन-तिलहन फसलें उगाने वाले कृषक अपनी उड़द, मूंग एवं मूंगफली को बाजार मूल्य कम होने की स्थिति में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते हैं।

कृषकों के हित में प्रशासन ने अपील की है कि वे एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन अवश्य कराएँ। पंजीयन कराने में किसी भी प्रकार की सहायता हेतु संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।

*कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आय*

शिविर के दौरान जिले के प्रत्येक विकासखंड के कृषक उत्पादक संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। जिन कृषकों ने अभी तक किसी कृषक उत्पादक संगठन की सदस्यता नहीं ली है, वे शिविर में उपस्थित प्रतिनिधियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सदस्यता हेतु आवेदन कर सकते हैं। कृषक उत्पादक संगठन से जुड़कर किसान न केवल आधुनिक कृषि तकनीक, समूह विपणन और सामूहिक क्रय-बिक्री का लाभ उठा सकते हैं, बल्कि अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकते हैं।