'सहकार से समृद्धि' का राष्ट्रीय मॉडल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर की वन धन महिला समूह को 'सहकार प्रेरणा सम्मान' से किया सम्मानित,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहकारिता नीति का जमीनी असर 10 आदिवासी महिलाओं ने औषधीय उत्पादों से एक वर्ष में किया 36 लाख रुपये का कारोबार

'सहकार से समृद्धि' का राष्ट्रीय मॉडल : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर की वन धन महिला समूह को 'सहकार प्रेरणा सम्मान' से किया सम्मानित,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहकारिता नीति का जमीनी असर 10 आदिवासी महिलाओं ने औषधीय उत्पादों से एक वर्ष में किया 36 लाख रुपये का कारोबार

जशपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्थापित सहकारिता मंत्रालय की पांच वर्ष की यात्रा अब देश के दूरस्थ वनांचलों तक परिवर्तन की नई कहानी लिख रही है। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले का वन धन विकास केंद्र पंचक्की इसका सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है, जहां 10 आदिवासी महिलाओं के स्व-सहायता समूह ने औषधीय उत्पादों के निर्माण और विपणन के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में 'सहकार प्रेरणा सम्मान' से सम्मानित किया।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत, किसानों, वनवासियों, महिलाओं और छोटे उत्पादकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का राष्ट्रीय अभियान है। उन्होंने कहा कि 'सहकार से समृद्धि' का संकल्प अब धरातल पर परिणाम देने लगा है और छत्तीसगढ़ इसकी मजबूत कड़ी बनकर उभरा है।

मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के वन धन विकास केंद्र पंचक्की में संचालित 'अनंत' स्व-सहायता समूह को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सहकार प्रेरणा सम्मान एवं लाभांश राशि प्रदान की। यह समूह वन विभाग के सहयोग से संचालित हो रहा है, जिसमें 10 महिलाएं मिलकर च्यवनप्राश सहित विभिन्न औषधीय एवं स्वास्थ्यवर्धक उत्पाद तैयार करती हैं। इन उत्पादों की आपूर्ति आयुष विभाग सहित विभिन्न संस्थानों और बाजारों में की जा रही है।

समूह ने वर्ष 2024-25 में लगभग 36 लाख रुपये के विभिन्न उत्पादों का विक्रय कर यह साबित किया है कि यदि स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और सहकारिता मॉडल को उचित मार्गदर्शन व बाजार उपलब्ध कराया जाए तो वन क्षेत्रों की महिलाएं भी राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि के साथ-साथ पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारिता को नई ताकत दे रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं और राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

उन्होंने बताया कि 29 जून से 6 जुलाई तक देशभर में मनाए जा रहे सहकारिता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पिछले दो वर्षों के दौरान सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इस लक्ष्य के साथ राज्य में 1,352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है।

जशपुर की महिलाओं को मिला यह सम्मान केवल एक समूह की उपलब्धि नहीं, बल्कि इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'वोकल फॉर लोकल', 'आत्मनिर्भर भारत' और 'सहकार से समृद्धि' जैसी राष्ट्रीय पहलें अब देश के आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में आर्थिक परिवर्तन की नई इबारत लिख रही हैं। पंचक्की की महिलाओं की सफलता देशभर के महिला स्व-सहायता समूहों और वन धन केंद्रों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।