सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी सुशासन की मजबूत कड़ी : शिकायत के बाद उज्ज्वला योजना का मिला लाभ, समयबद्ध शिकायत निवारण से बढ़ा जनता का भरोसा

सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी सुशासन की मजबूत कड़ी : शिकायत के बाद उज्ज्वला योजना का मिला लाभ, समयबद्ध शिकायत निवारण से बढ़ा जनता का भरोसा

रायगढ़ । केंद्र और राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 एक प्रभावी मंच के रूप में उभर रही है। रायगढ़ जिले के लैलूंगा विकासखंड में दर्ज एक शिकायत का समयबद्ध निराकरण कर प्रशासन ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र हितग्राही को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया, जिससे सुशासन और जवाबदेह प्रशासन की कार्यप्रणाली का सकारात्मक उदाहरण सामने आया है।

लैलूंगा नगर के संत कबीर वार्ड क्रमांक-7 निवासी धनेश्वर ने अपनी पत्नी भगवती चंद्रा के नाम पर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद कनेक्शन नहीं मिलने पर उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत प्राप्त होते ही जिला खाद्य नियंत्रक कार्यालय और संबंधित खाद्य निरीक्षक ने मामले की जांच की। जांच में पाया गया कि आवेदिका के नाम पर गैस कनेक्शन स्वीकृत हो चुका था, लेकिन तकनीकी एवं प्रक्रियागत कारणों से उसका लाभ हितग्राही तक नहीं पहुंच पाया था। सत्यापन के बाद खाद्य विभाग ने तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए पात्रता के आधार पर गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया और शिकायत का संतोषजनक निराकरण किया।

गैस कनेक्शन मिलने के बाद धनेश्वर ने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन और खाद्य विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी समस्या का शीघ्र समाधान हुआ और उन्हें शासन की योजना का लाभ बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के मिल गया।

यह प्रकरण दर्शाता है कि शिकायत निवारण तंत्र केवल औपचारिक व्यवस्था नहीं, बल्कि आम नागरिकों को उनके अधिकार और योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। समयबद्ध कार्रवाई, प्रशासनिक जवाबदेही और तकनीकी समन्वय के जरिए शासन पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिकायत निवारण प्रणाली इसी तरह प्रभावी ढंग से कार्य करती रही तो शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।