Parliament Monsoon Session : लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाले बिल पर हो रही चर्चा, सरकार और विपक्ष आमने-सामने
नई दिल्ली। :संसद के मॉनसून सत्र से पिछले एक हफ्ते से चली आ रही गतिरोध की स्थिति आखिरकार खत्म हो गई है। नीट पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में लगातार हंगामे के बाद, अब संसद का कामकाज पटरी पर लौटता नजर आ रहा है। आज लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ कड़े प्रावधानों वाले बिल पर चर्चा हो रही है।
संसद में पिछले कई दिनों से जारी हंगामे और ठप पड़े कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं, जिसके बाद सहमति बन पाई। विपक्ष की मांग थी कि चर्चा से पहले गृह मंत्री अमित शाह इस पर बयान दें। हालांकि, अब यह सहमति बनी है कि गृह मंत्री चर्चा के दौरान सदन में अपनी बात रखेंगे।
फिलहाल, इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया गया है, लेकिन लोकसभा स्पीकर ने संकेत दिए हैं कि सदन की सहमति और जरूरत के अनुसार इस समय सीमा को और बढ़ाया जा सकता है। पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानूनों वाले इस अहम बिल को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को ही लोकसभा में पेश कर दिया था, लेकिन विपक्ष के भारी हंगामे के कारण उस समय इस पर चर्चा नहीं हो सकी थी।
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2009 में यूपीए के समय रेलवे का पेपर लीक हुआ: जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह ने कहा, देश में पहले भी पेपर लीक होते रहे हैं। 2009, 2010, 2011, 2012, 2013 में पेपर लीक हुआ। 2009 में यूपीए के समय रेलवे का पेपर लीक हुआ। 2013 में महाराष्ट्र में पेपर लीक हुआ। पूरे भारत में पेपर लीक रोकने के लिए बिल लाए।
“बिल देश के युवाओं और छात्रों के लिए मील का पत्थर”
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, यह बिल, जिसे कल पेश किया गया था, असल में पहले के बिल- पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 में एक संशोधन है, जिसे भी इसी सरकार ने पेश किया था। और न सिर्फ़ पेश किया था, बल्कि यह शायद आजाद भारत के इतिहास में अपनी तरह का पहला बिल था। पहले का बिल और आज का संशोधन, एक तरह से देश के छात्रों और युवाओं के कल्याण की रक्षा के लिए इस सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करते हैं। और साथ ही, यह प्रधानमंत्री मोदी के उस संकल्प को भी दोहराता है कि ‘भारत माता’ के बच्चों के भविष्य के साथ किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। इसलिए, इस बिल को एक तरह से भारतीय संसद के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने वाला कानून कहा जा सकता है।
स्पीडी जस्टिस का प्रावधान कर रहे- जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह ने कहा, हम स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर स्पीडी जस्टिस का प्रावधान इस संशोधन के जरिए कर रहे हैं। इसमें भी हमने समय-सीमा तय कर दी है कि दो महीने के भीतर सारी जांच पूरी की जाएगी।
सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं: गौरव गोगोई
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में बोलते हुए कहा कि पेपर लीक के 45 आरोपियों में से 44 को बेल मिल गई। सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। ये बिल सिर्फ दिखावे के लिए है।
NTA के चेयरमैन को सरकार बचा रही: गौरव गोगोई
गौरव गोगोई ने कहा कि NTA के चेयरमैन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? NTA के चेयरमैन को सरकार बचा रही है। ये कानून पेपर माफियाओं को नहीं रोक पाएगा।
“सरकार शिक्षा जगत में सुधार नहीं करना चाहती”
गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार शिक्षा जगत में सुधार नहीं करना चाहती। इस बिल से शिक्षा विभाग नहीं सुधरेगा।
“धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ नहीं बदलेगा”
बिल और छात्रों के प्रदर्शन पर बोलते हुए गौरव गोगोई ने वसीम बरेलवी के शेर को पढ़ा, “उसूलों पर जहां आंच आए टकराना ज़रूरी है, जो जिंदा हो तो फिर जिंदा नजर आना जरूरी है।” उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से कुछ नहीं बदलेगा।
छात्रों ने लोकतंत्र का मतलब याद दिलाया: गोगोई
गौरव गोगोई ने कहा, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया? छात्रों ने लोकतंत्र का मतलब याद दिलाया।

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