'संविधान और पारदर्शिता हमारी ताकत' : चुनाव आयोग ने मीडिया अधिकारियों को सौंपी फेक न्यूज से लड़ने की जिम्मेदारी,फेक नैरेटिव और AI-डीपफेक पर चुनाव आयोग का बड़ा अलर्ट, मीडिया अधिकारियों को दिए पारदर्शी चुनाव के नए मंत्र
नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देशभर में चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय तथा भ्रामक सूचनाओं से मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मीडिया एवं संचार अधिकारियों का दूसरा एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में 16 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के 260 से अधिक मीडिया एवं संचार अधिकारियों ने भाग लिया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि आयोग का प्रत्येक निर्णय संविधान, चुनावी कानूनों तथा समय-समय पर जारी लिखित दिशा-निर्देशों पर आधारित होता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे फेक नैरेटिव और भ्रामक सूचनाओं के प्रति अधिकारियों को सतर्क रहने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए गलत सूचनाओं का समय रहते प्रभावी जवाब देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में रिकॉर्ड मतदान इस बात का प्रमाण है कि देश के मतदाताओं का चुनावी व्यवस्था पर गहरा विश्वास है।
चुनाव आयुक्त डॉ. विवेक जोशी ने कहा कि डिजिटल युग में एआई, डीपफेक और कृत्रिम रूप से तैयार की गई भ्रामक सामग्री लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मीडिया एवं संचार अधिकारियों से आयोग के नियमों, दिशा-निर्देशों और तथ्यों के आधार पर ऐसे प्रयासों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने का आग्रह किया। साथ ही चुनावी साक्षरता क्लब (ELCs) के माध्यम से युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
सम्मेलन में चुनावी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण—मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक—की संचार रणनीति, ECINET प्लेटफॉर्म, संवैधानिक प्रावधान, मीडिया कानून, प्रेस नोट तैयार करने की प्रक्रिया, सोशल मीडिया प्रबंधन, फेक न्यूज की पहचान एवं रोकथाम तथा चुनाव आयोग की जन-जागरूकता पहलों पर विस्तृत एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को समूहों में मतदान, मतगणना और मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रियाओं का प्रदर्शन भी कराया गया।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों के अधिकारियों ने हालिया चुनावों के अनुभव साझा किए और बेहतर कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) पर चर्चा की। कार्यक्रम का समापन आयोग और प्रतिभागियों के बीच प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ।
छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का भी प्रभावशाली प्रतिनिधित्व रहा। राज्य की ओर से सहायक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक तथा प्रदेश के सभी 33 जिलों के जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) शामिल हुए। सम्मेलन में प्राप्त अनुभवों और दिशा-निर्देशों के आधार पर राज्य में निर्वाचन संबंधी जनसंचार को और अधिक प्रभावी एवं तथ्यपरक बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

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