नोनी सुरक्षा योजना से बेटियों के भविष्य की चिंता कम: कौशिल्या को मिला 1 लाख रुपए का बॉन्ड, 18 साल की उम्र और 12वीं के बाद मिलेगी राशि

नोनी सुरक्षा योजना से बेटियों के भविष्य की चिंता कम: कौशिल्या को मिला 1 लाख रुपए का बॉन्ड, 18 साल की उम्र और 12वीं के बाद मिलेगी राशि

अंबिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की नोनी सुरक्षा योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बेटियों के सुरक्षित भविष्य का सहारा बन रही है। योजना के तहत पात्र बालिकाओं के नाम आर्थिक सुरक्षा का प्रावधान किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों को उनकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों को लेकर भरोसा मिल रहा है। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मेंड्राकला की रहने वाली कौशिल्या रजवाड़े भी इस योजना से लाभान्वित हुई हैं।

कौशिल्या ने बताया कि उनके पति राजेश कुमार रजवाड़े कृषि कार्य करते हैं। परिवार में तीन बच्चे हैं। सीमित आमदनी के बीच बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहता है। इसी को देखते हुए उन्होंने अपनी बड़ी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए नोनी सुरक्षा योजना का लाभ लेने का फैसला किया।

योजना की जानकारी उन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के माध्यम से मिली। कार्यकर्ता की मदद से जरूरी दस्तावेज जुटाए गए और आवेदन प्रक्रिया पूरी कर ऑनलाइन पंजीयन कराया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी बेटी का योजना में पंजीयन हुआ और एक लाख रुपए का बॉन्ड प्राप्त हुआ।

18 साल की उम्र और 12वीं पास करने पर मिलेगी राशि

कौशिल्या ने बताया कि बॉन्ड एलआईसी बीमा के माध्यम से प्रदान किया गया है। योजना की निर्धारित शर्तों के अनुसार बेटी के 18 वर्ष की आयु पूरी करने और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद निर्धारित राशि प्राप्त होगी। परिवार का मानना है कि यह रकम बेटी की उच्च शिक्षा और भविष्य की अन्य महत्वपूर्ण जरूरतों को पूरा करने में मददगार होगी।

बोलीं- अब बेटी के भविष्य की चिंता पहले जैसी नहीं

कौशिल्या ने कहा कि कृषि से होने वाली आय के बीच बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य खर्चों का प्रबंध करना आसान नहीं होता। ऐसे में बेटी के नाम आर्थिक सुरक्षा मिलने से भविष्य को लेकर चिंता कम हुई है। उन्होंने कहा कि आगे मिलने वाली राशि बेटी की पढ़ाई और जीवन की नई शुरुआत के लिए आर्थिक आधार देगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि योजना जैसी पहल सीमित आय वाले परिवारों को बेटियों को बेहतर शिक्षा और अवसर देने का भरोसा देती है। उनके शब्दों में, “अब बेटी के भविष्य की चिंता पहले जैसी नहीं रही। उसके नाम आर्थिक सुरक्षा होने से हमें भरोसा है कि आगे उसकी पढ़ाई और जरूरतों में मदद मिलेगी।”