EXCLUSIVE : छत्तीसगढ़ में लागू होगा समान नागरिक संहिता, अध्ययन समिति करेगी सभी वर्गों से संवाद,रिटायर्ड जज मैडम देसाई की अध्यक्षता में गठित हुई समिति, व्यापक जनसंवाद के बाद सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

EXCLUSIVE : छत्तीसगढ़ में लागू होगा समान नागरिक संहिता, अध्ययन समिति करेगी सभी वर्गों से संवाद,रिटायर्ड जज मैडम देसाई की अध्यक्षता में गठित हुई समिति, व्यापक जनसंवाद के बाद सरकार को सौंपेगी रिपोर्ट: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने रिटायर्ड जज मैडम देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति प्रदेश के विभिन्न वर्गों, समुदायों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्धजनों से संवाद स्थापित करेगी तथा उनकी राय और सुझाव प्राप्त करेगी। व्यापक अध्ययन और जनसंवाद के बाद समिति अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सरकार सभी वर्गों की भावनाओं और सुझावों का सम्मान करते हुए पारदर्शी एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत यूसीसी लागू करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सामाजिक समरसता, समान अधिकार और न्यायसंगत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

उन्होंने कहा कि समिति प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों से संवाद करेगी, उनकी चिंताओं और सुझावों को सुनेगी तथा सभी पक्षों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।

क्या है यूसीसी?

समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक मामलों से जुड़े समान कानून लागू करना है। वर्तमान में देश में विभिन्न धर्मों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून लागू हैं। यूसीसी का उद्देश्य समानता और एकरूपता की व्यवस्था स्थापित करना है।