‘ड्रोन दीदी’ मॉडल से बदलेगी खेती की तस्वीर : जशपुर से उभर रहा आधुनिक खेती का नया मॉडल,आधुनिक कृषि की कमान संभाल जशपुर की महिलाएं बन रहीं ‘ड्रोन दीदी’
जशपुर, 26 जून 2026। देश में कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग के बीच छत्तीसगढ़ का जशपुर जिला महिला सशक्तिकरण और आधुनिक खेती का नया मॉडल बनकर उभर रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब ड्रोन तकनीक के माध्यम से खेती में नई क्रांति की तैयारी कर रही हैं।
जशपुर जिले की चयनित महिलाएं इन दिनों रायपुर स्थित आईटीएम विश्वविद्यालय में ड्रोन संचालन एवं रिमोट पायलटिंग का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। यह प्रशिक्षण महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि उद्यमी के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘नमो ड्रोन दीदी’ पहल के तहत महिलाओं को ड्रोन की तकनीकी संरचना, सुरक्षित उड़ान संचालन, रिमोट पायलटिंग, फसलों में उर्वरक एवं कीटनाशकों के वैज्ञानिक छिड़काव, ड्रोन रखरखाव तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के व्यावहारिक उपयोग की ट्रेनिंग दी जा रही है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये महिलाएं जिले के किसानों को ड्रोन आधारित सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे कम समय में बड़े क्षेत्र में उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव संभव होगा, कृषि लागत में कमी आएगी और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
हाल ही में जशपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षण के लिए रवाना हो रही ड्रोन दीदियों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को रणजीता स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में लखपति दीदी पहल के अंतर्गत ड्रोन दीदी एवं उन्नत सॉयल टेस्टिंग मशीन भी प्रदान की गई थी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रशिक्षण के बाद ड्रोन दीदियां जिले के विभिन्न विकासखंडों में किसानों को नैनो उर्वरक, कीटनाशक छिड़काव और अन्य कृषि सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। इससे खेती में समय की बचत, उत्पादन लागत में कमी और बेहतर फसल प्रबंधन संभव होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित कृषि सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है। जशपुर की यह पहल न केवल महिला स्वावलंबन को मजबूत करेगी, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि के आधुनिकीकरण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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