राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम पर चंदा वसूली

राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम पर चंदा वसूली

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम अभनपुर में शुरू होने जा रहा है। इस कार्यक्रम में 21 जून को राहुल गांधी भी शामिल होंगे। राहुल गांधी के इस छोटे से दोरा कार्यक्रम के लिए कम से कम 40 लखा रुपए खर्च होने का अनुमान है। यह रकम जुटाने के लिए कांग्रेसियों में सिर फुटव्वल चल रही है। पार्टी के चंदा मामा पदाधिकारी ने अपने-अपने स्तर पर पर्यावरण, उद्योग विभाग, कुछ तहसीलदारों, वन विभाग के डीएफओ से चंदा वसूल रहे हैं। हद तो तब हो गई जब एक पदाधिकारी एक मुस्लिम सब इंस्पेक्टर से भी चंदा वसूल लिया। कांग्रेस नेताओं की सभ्यता-संस्कृति शुरू से बुनियादी तौर पर चंदा लेने और वसूली करने की रही है। परंपरागत तरीके से चंदा मामा नेता किसी भी आयोजन के लिए इस कार्य को अंजाम देने में माहिर माने जाते हैं। कांग्रेस पार्टी में पुराने और परम्परागत पीढ़ी दर पीढ़ी कांग्रेस नेता इसी तरीके से रकम जुटाते आ रहे हैं। जबकि यह कार्यक्रम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की देखरेख में और उनके सुविधा के अनुसार निष्पादन किया जा रहा है। भूपेश बघेल के गुट ने भी अपने-खर्चे दावेदारी पेश कर दिया है. जबकि प्रदेश कांग्रेस कमेटी में विगत कई सालों से राज्य के बड़े अधिकारियों के साथ मिली भगत कर कांग्रेसी विचारधारा वाले अधिकारियों से लगातार दबाव बनाकर पैसे की वसूली की शिकायतें आती रही है। हैरान करने वाली बात यह भी है कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होने के बावजूद कांग्रेस विचारधारा वाले कुछ भ्रष्ट अधिकारी जो भ्रष्टाचार के में लिप्त है खुलकर कांग्रेस पार्टी को चंदा दे रहे हैं। जनता से रिश्ता अखबार के दफ्तर में कांग्रेस समर्पित भ्रष्ट अधिकारियों की सूची उपलब्ध है जो वर्तमान में भी कांग्रेस पार्टी के नेताओं को चंदा देते हैं। प्रति माह भी दे रहे हैं।  हालांकि इस मामले में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का साफ कहना है कि कांग्रेस में कोई चंदा मामा नहीं है और यह आयोजन विशुद्ध रूप से पार्टी का आयोजन है और पार्टी फंड से इसका लिए तमाम व्यवस्था की जा रही है। कोई नेता अगर चंदा लेता है तो यह उसकी जिम्मेदारी है पार्टी ने किसी नेता को रकम जुटाने के लिए नहीं कहा है। पार्टी दफ्तर में रोज हजारों लोग आते रहते हैं वे अगर पार्टी के नाम पर वसूली करते हैं तो शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।  भाजपा नेता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कांग्रेसियों की हमेशा से चंदा लेने की फितरत रही है, राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए चंदा वसूलना इनके लिए कोई नई बात नहीं है। हो सकता है कि ये पैसा उनको ही सौंप दिया जाए। सरकार बनते ही एटीएम के माध्यम से पैसे जाने लगते है। ऊपर से ये जिस प्रकरण में बेल में है प्रेस एजेंसी वाले मामले में। इससे ये साफ़ ज़ाहिर होता है कि ये साफ़ मुकरेंगे कि ये चंदा वसूली नहीं करते है कह देंगे। कांग्रेसियों के कोई वैचारिक चीज़ें नहीं है शुरू से ही इनके यहां कोई सिस्टम भी नहीं है कि ऐसे बड़े कार्यक्रमों को कैसे करना है। कांग्रेस पार्टी शुरू से ही चंदाधारी रही है। और फिर से राहुल गांधी जी ने अपने कार्यक्रम की बदलौत फिर चंदा लेने का मौका दिया है। और इस चंदा-चकौरी में बड़े नेताओं को भी आपत्ति नहीं रही है बल्कि उनकी भी संलिप्तता रहती होगी। नहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान बड़े और पुराने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता का अपमान हो रहा है। बहुत छोटे दौरे पर राहुल गांधी छत्तीसगढ़ प्रवास में आ रहे है, इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ जन और पुराने तीन पीढ़ी के कांग्रेसी नेता राहुल गांधी से मुलाक़ात का अवसर नहीं दिए जाने से नाराज है। जिसके चलते कांग्रेस नेताओं ने विरोध करना शुरू कर दिया है। दौरा शेड्यूल के मुताबिक राहुल गांधी दोपहर को रायपुर पहुंचेंगे और शाम को वे दिल्ली लौट जाएंगे। कल हुई रायपुर राजीव भवन में कांग्रेस की बैठक सुबह से चल रही है। राहुल गांधी के दौरे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। गौरतलब है कि राहुल गांधी की छोटी सी सभा जो कांग्रेस जिला अध्यक्षो के लिए आयोजित की गई है. कार्यक्रम स्थल के तौर पर अभनपुर के अग्रसेन भवन को आरक्षित किया गया है। दीपक बैज पर सभी वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि जिनके मां-बाप कभी कांग्रेस में नहीं रहे और सट्टे जुआ क्लब,दो नम्बर के कारोबार में संलिप्त नेताओं को जिम्मेदारी दी है। जो पुर्ण:त गलत है, और पुराने कांग्रेसी नेताओं की उपेक्षा मानी जा रही है, एक वरिष्ठ नेता जो वर्तमान में बीमारी की वजह से घर बैठ गए हैं, उनकी द्वारा बड़ी शिकायत आलाकमान की ओर प्रस्तुत कर दी गई है, दो दिन बाद राहुल गांधी का प्रोग्राम छत्तीसगढ़ में मात्र 3 घंटे के लिए आयोजन अभनपुर में होने वाला है, जिसमें सभी जिलाध्यक्ष को खाने में आमंत्रित किया गया है, साथ में सभी जिला अध्यक्षो का संबोधन भी होगा। अग्रसेन भवन को लेकर एक और विवाद सामने आ रहा है, राहुल गांधी और चेलेचपाटे अग्रसेन भवन में चिकन सैंडविच और चिकेन पिज़्ज़ा खाने की प्रोग्राम बना रहे हैं, जिसका आर्डर भी कर दिया गया है।इसी मासांहारी भोजन का विरोध भी शुरू हो गया है, वही एक वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त में बताया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम में मासांहारी भोजन की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। अब कार्यक्रम के बाद ही पता चल पायेगा कि मासांहारी भोजन रखा गया था कि नहीं। दीपज बैज और भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, चरणदास महंत गुट अपने-अपने स्तर में तैयारी कर रखे है। राहुल गांधी के सामने एक-दूसरे को पटखनी देने मौका नहीं छोड़ रहे