पहली बारिश में डूबा जिला अस्पताल, करोड़ों के काम की खुली पोल, मरीजों को हुई भारी परेशानी
राजनांदगांव। मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम और प्रशासन के दावों की हकीकत उजागर कर दी। शहर के बसंतपुर स्थित जिला अस्पताल परिसर एक बार फिर जलमग्न हो गया। करोड़ों रुपये खर्च कर परिसर को ऊंचा करने और ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के बावजूद अस्पताल टापू में तब्दील हो गया, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल स्टाफ को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पिछले वर्षों में लगातार जलभराव की समस्या को देखते हुए जिला अस्पताल परिसर का लेवल बढ़ाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया गया था। प्रशासन ने दावा किया था कि इसके बाद अस्पताल में पानी भरने की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन पहली ही मूसलाधार बारिश में सभी दावे धरे के धरे रह गए।
अस्पताल परिसर को ऊंचा तो कर दिया गया, लेकिन बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नहीं होने से पूरा परिसर पानी से भर गया। मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक जलभराव की स्थिति बनी रही। स्थिति ऐसी रही कि एम्बुलेंस से पहुंचे गंभीर मरीजों को स्ट्रेचर के सहारे पानी के बीच से अस्पताल तक ले जाना पड़ा। वहीं मरीजों के परिजनों को दवा और अन्य जरूरी कार्यों के लिए गंदे व दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

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