छत्तीसगढ़ से उठा स्वाभिमान का कारवां, सोमनाथ के लिए रवाना हुई आस्था की विशेष ट्रेन : सोमनाथ के चरणों में पहुंचेगी छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और श्रद्धा

छत्तीसगढ़ से उठा स्वाभिमान का कारवां, सोमनाथ के लिए रवाना हुई आस्था की विशेष ट्रेन : सोमनाथ के चरणों में पहुंचेगी छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और श्रद्धा

रायपुर, 22 जून। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई अभिव्यक्ति देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को रायपुर रेलवे स्टेशन से विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और अटूट आस्था का प्रतीक है।

प्रदेश भर से 1000 से अधिक विशिष्टजन, पद्मश्री सम्मान प्राप्त हस्तियां, राज्य एवं राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित कलाकार, साहित्यकार तथा विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल हुए। श्रद्धालु अपने साथ छत्तीसगढ़ के प्राचीन शिवालयों की पावन माटी और प्रदेश की नदियों का जल लेकर रवाना हुए, जिसे भगवान सोमनाथ के चरणों में अर्पित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इतिहास में कई बार आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर को ध्वस्त किया, लेकिन देशवासियों की आस्था और संकल्प ने हर बार इसका पुनर्निर्माण कराया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर भारतीय संस्कृति की अमर शक्ति और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक पूरे देश में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद उन्होंने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था, जो राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 75 वर्ष पूर्व पुनर्निर्मित मंदिर का लोकार्पण किया था।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों की माटी और नदियों के जल को सोमनाथ धाम तक पहुंचाना भारत की सांस्कृतिक एकता और "एक भारत-श्रेष्ठ भारत" की भावना का सशक्त उदाहरण है।

संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह यात्रा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति के साथ-साथ भारत की महान सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय गौरव से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगी। उन्होंने भगवान सोमनाथ से प्रदेश और देश की समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।

मुख्यमंत्री ने यात्रा पर रवाना हो रहे श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उन्हें अंगवस्त्र भेंट किए तथा उनकी मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, अनुज शर्मा, इंद्रकुमार साहू, डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, संपत अग्रवाल, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

क्यों खास है सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा?

1000 से अधिक विशिष्टजन और सांस्कृतिक हस्तियां शामिल

छत्तीसगढ़ के शिवालयों की पवित्र माटी और नदियों का जल ले जाया गया

राष्ट्रीय स्मरणोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है सोमनाथ स्वाभिमान पर्व

सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय गौरव का संदेश

आस्था, इतिहास और विरासत को जोड़ने वाली पहल