मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से प्रदेश में औद्योगिक विकास को मिल रही नई गति : टेक्सटाइल पार्क बनेगा रोजगार का नया केंद्र, मिलेगा 11 हजार से अधिक लोगों को रोजगार
रायपुर । छत्तीसगढ़ सरकार नवा रायपुर को देश के प्रमुख टेक्सटाइल एवं गारमेंट निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित हो रहा टेक्सटाइल पार्क प्रदेश के युवाओं, विशेषकर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
नवा रायपुर के टेक्सटाइल पार्क में पहली गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित होने जा रही है। 235 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस इकाई से 4600 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने 25 जून को इस यूनिट का भूमिपूजन किया।
तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड यहां अपनी विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। कंपनी मुख्य रूप से बच्चों के कपड़े, निट गारमेंट्स और वस्त्रों का उत्पादन करेगी, जिनका निर्यात यूरोप और अमेरिका के बाजारों में किया जाएगा।
प्रदेश सरकार द्वारा नवा रायपुर में 81 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किया जा रहा है। यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, तकनीकी वस्त्र तथा सहायक उद्योगों के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जा रही है। स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड के अलावा पुनीत क्रिएशन्स और दृष्टि डिजाइन्स एलएलपी को भी भूमि आवंटित की जा चुकी है। इन तीनों इकाइयों में लगभग 445 करोड़ रुपये के निवेश से 11 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
टेक्सटाइल पार्क में डामरीकृत सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, पावर सब-स्टेशन, जल प्रदाय, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र तथा कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। आधुनिक अधोसंरचना और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण नवा रायपुर निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल एवं रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए महिला कर्मचारियों हेतु 6 हजार रुपये तथा पुरुष कर्मचारियों हेतु 5 हजार रुपये प्रतिमाह की रोजगार सहायता पांच वर्षों तक देने का प्रावधान किया गया है।
नई औद्योगिक नीति के प्रभाव से प्रदेश में पिछले 18 महीनों में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1.6 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है। टेक्सटाइल के साथ-साथ डेटा सेंटर, आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ रहा है।
महिलाओं को रोजगार देने पर विशेष प्रोत्साहन
राज्य सरकार की औद्योगिक नीति में रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। महिला कर्मचारियों को रोजगार देने पर उद्योगों को प्रति कर्मचारी 6 हजार रुपये तथा पुरुष कर्मचारियों पर 5 हजार रुपये प्रतिमाह की सहायता पांच वर्षों तक दी जाएगी। इससे प्रदेश में महिला रोजगार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

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